साईं-शंकराचार्य विवाद में सुप्रीम कोर्ट का दखल से इनकार - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

मंगलवार, 14 अक्टूबर 2014

साईं-शंकराचार्य विवाद में सुप्रीम कोर्ट का दखल से इनकार

supreme-court-refuses-to-intervene-in-sai-shankaracharya
सुप्रीम कोर्ट ने साईं और शंकराचार्य मामले में हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया है| न्यायलय ने सोमवार को एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) की ओर से दाखिल उस जनहित याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उसने केंद्र सरकार को मंदिरों से श्री साईं बाबा की मूर्तियां हटाने के कदम पर रोक लगाने का आदेश देने की मांग की गई थी। 

उल्लेखनीय है कि द्वारका पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने मंदिरों से साईं बाबा की मूर्तियां हटाने का आग्रह किया था। न्यायमूर्ति टी.एस. ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि यह आस्था का मामला है और इससे न्यायिक रूप से नहीं निबटा जा सकता। अदालत ने मामले में हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया। 

इसके साथ ही न्यायालय ने याचिकाकर्ता साईंधाम चैरिटेबल ट्रस्ट को याद दिलाया कि कानून-व्यवस्था राज्य का विषय है। न्यायालय ने साफ कर दिया है कि वह एनजीओ द्वारा दाखिल याचिका पर विचार नहीं करेगा। न्यायालय ने याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी है।

कोई टिप्पणी नहीं: