दो भारतीयों को पोप फ्रांसिस ने दी संत की उपाधि - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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रविवार, 23 नवंबर 2014

दो भारतीयों को पोप फ्रांसिस ने दी संत की उपाधि

Pope-Francis-India
पोप फ्रांसिस ने रविवार को भारत से एफ कुरियाकोस एलियास चवारा और सिस्टर यूफ्रेसिया इलुवेंथिकल को वेटिकन में संत घोषित किया। दोनों लोगों के कैननाइजेशन,  जो कैथलिक प्रक्रिया में अंतिम चरण के तौर पर जाना जाता है, के साथ सदियों पुराने साइरो मालाबार कैथलिक चर्च में तीन संत हो गये हैं। इससे पहले सिस्टर अलफोंसा को 2008  में इस पद पर विभूषित किया गया था। साइरो मालाबार कैथलिक चर्च के सूत्रों ने यहां कहा कि केरल के दोनों लोगों को वेटिकन में सेंट पीटर्स स्क्वायर में एक विशेष प्रार्थना सभा के दौरान संत घोषित किया गया।

चर्च के विद्वानों के अनुसार साइरो मालाबार चर्च रोम के साथ फुल कम्युनियन रखने वाले 22 ईस्टर्न चर्चों में से एक है। साइरो मालाबार चर्च की जड़ें पहली ईसवी सदी में केरल के तटीय क्षेत्र में ईसाई धर्म प्रचारक सेंट थॉमस की यात्रा से जुड़ी हैं। वेटिकन के सेंट पीटर्स स्क्वायर में विशेष प्रार्थना सभा के दौरान चवारा और यूफ्रेसिया को पोप द्वारा संत घोषित किये जाने के साथ ही केरल के सभी चर्चों में उल्लास और आध्यात्मिक उत्साह की लहर दौड़ गई जहां बड़ी संख्या में लोग प्रार्थना सभाओं के लिए एकत्रित हुए।

वेटिकन में समारोह में भी बड़ी संख्या में केरल के श्रद्धालु,  दो कार्डिनल,  बिशप, पादरियों तथा ननों ने शिरकत की। चवारा और यूफ्रेसिया के जीवन से जुड़े केरल के तीन स्थानों में पिछले कई दिन से उत्सव का माहौल था। इनमें कोट्टायम का मनमान, एर्णाकुलम का कूनाम्मावू और त्रिशूर का ओल्लूर है।

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