माओवाद की समस्या का हल विकास से : सोनिया गांधी - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

रविवार, 23 नवंबर 2014

माओवाद की समस्या का हल विकास से : सोनिया गांधी

development-will-deter-maoism-says-sonia-gandhi
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रविवार को कहा कि माओवाद की समस्या का हल विकास से किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि देश की जनता के विकास के लिए प्राकृतिक संसाधन लोगों के हाथ में होने चाहिए। वह झारखंड के डाल्टनगंज और गुमला में चुनावी सभाओं को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने नक्सल समस्या महज कानून व्यवस्था की समस्या नहीं है। सोनिया ने कहा कि माओवाद की समस्या का समाधान विकास से और संविधान की रूपरेखा के भीतर तलाशा जा सकता है। उन्होंने कहा कि गुमराह हुए युवाओं को मुख्यधारा में लौटाया जा सकता है।

सोनिया ने कहा कि जब 14 साल पहले झारखंड बनाया गया था, तब सिर्फ तीन जिलों में नक्सलवाद था और अब यह लगभग पूरे राज्य में ही फैल गयी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की पहल पर आदिवासियों, गरीबों, दलितों, पिछड़ा वर्ग के लोगों और अल्पसंख्यकों को भूमि अधिग्रहण अधिनियम के तहत अधिकार दिये गये थे लेकिन केंद्र की बीजेपी सरकार इसमें संशोधन करने का विचार कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी छोटा नागपुर और संथाल परगना काश्तकारी कानूनों में बदलाव का प्रयास कर रही है जिसमें झारखंड में आदिवासियों की जमीन का संरक्षण का प्रावधान है।

सोनिया झारखंड 25 नवंबर को होने वाले पहले चरण के मतदान के लिए प्रचार के आखिरी दिन पार्टी उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार कर रहीं थीं। उन्होंने कहा कि हम अधिनियम में किसी भी बदलाव का विरोध करते हैं। सोनिया ने दावा किया कि पिछली यूपीए सरकार की कोशिशों और उसकी विकास योजनाओं से ही आज देश को विकसित देश बनने की दिशा में बढ़ने में मदद मिल रही है।

कोई टिप्पणी नहीं: