बिहार विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने आज जेडीयू के चार बागी विधायकों की विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी है. इन विधायकों पर राज्य सभा चुनाव में पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ क्रॉस वोटिंग करने का आरोप है. वैसे क्रॉस वोटिंग का आरोप 8 विधायकों पर था. ये बागी नेता पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ भी कई मौके पर बयानबाजी कर चुके हैं.
सदस्यता गंवाने वाले विधायकों में ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू, रवींद्र राय, नीरज कुमार बबलू और राहुल शर्मा हैं. इन विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष के फैसले के खिलाफ अदालत जाने की बात कही है. क्रॉस वोटिंग के बाद जेडीयू ने आठ विधायकों की विधानसभा सदस्यता रद्द करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष से सिफारिश की थी. इस मामले पर अध्यक्ष के समक्ष कई दिनों से सुनवाई चल रही थी. इस समय विधायक पूनम देवी, अजीत कुमार, सुरेश चंचल और राजू कुमार सिंह के खिलाफ भी अध्यक्ष के समक्ष सुनवाई चल रही है.
सदस्यता खत्म होने के बाद ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू ने कहा कि इस फैसले के खिलाफ वो हाई कोर्ट जाएंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा अध्यक्ष ने उनकी बात सही ढंग से नहीं सुनी. इधर, रवींद्र राय ने फैसले के पीछे पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को 'मास्टर माइंड' बताया है.
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