हिमाचल की विस्तृत खबर (02 नवम्बर) - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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रविवार, 2 नवंबर 2014

हिमाचल की विस्तृत खबर (02 नवम्बर)

मुख्यमंत्री ने 6.50 करोड़ रुपये की उठाऊ पेयजल योजना की आधारशिला रखी
  • मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय श्री रेणुकाजी मेले में शिरक्त की

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शिमला, 02 नवंबर (विजयेन्दर शर्मा)। मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह ने सिरमौर जि़ले के अंतरराष्ट्रीय श्री रेणुकाजी मेले में भाग लेने से पूर्व आज ददाहू में 6.50 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली उठाऊ पेयजल आपूर्ति योजना की आधारशिला रखी। इस योजना के बनने से ग्राम पंचायत बिरला, थाना-कसोगा, पंजाहल, नौणी, देवका-पुरला, बनेटी, नाहन तथा सैन की सेर की शेष बची 225 बस्तियों के लगभग 7 हजार लोग लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री ने दहाहू में 70 लाख रुपये से बनने वाले पुलिस स्टेशन भवन की आधारशिला भी रखी। आधारशिला रखने के पश्चात उन्होंने कहा कि ददाहू में आवासों सहित समूचे पुलिस स्टेशन के नवीकरण पर  1.80 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने श्री रेणुका जी में प्रधान देवता भगवान परशुराम के मंदिर में पूजा अर्चना की और ददाहू में देवताओं का स्वागत किया तथा शोभा यात्रा में भाग लिया। उन्होंने भगवान परशुराम की पालकी उठाई और बाद में श्री रेणुका माता तथा भगवान परशुराम के मंदिर में पूजा-अर्चना भी की। श्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि मेले एवं त्यौहार हिमाचल प्रदेश के लोगों के जीवन का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक होने के साथ रेणुका मेले की धार्मिक महत्ता भी है, जिसका आयोजन हर वर्ष दशमी पर वर्ष में एक बार होता है और इसी दिन भगवान परशुराम का अपनी माता रेणुका जी से मिलन होता है। जि़ला के लोग ‘प्रबोधिनी एकादशी’ के दिन पवित्र रेणुका झील में स्नान करते हैं। उन्होंने कहा कि मेले हमारी संस्कृति और परम्पराओं का अटूट हिस्सा है और राज्य सरकार मेले एवं त्यौहारों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने मेले को बड़े हर्ष और उत्साह के साथ मनाने के लिये जि़ले के लोगों को बधाई देते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों से आपसी भाईचारे, प्रेम भाव और एकता की भावना को बल मिलता है। इससे पूर्व, मैना बाग हेलिपैड पर बड़ी संख्या में एकत्र हुए लोगों ने पारम्परिक वाद्य यंत्रों तथा ढोल नगाड़ों के साथ मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। रेणुका जाते समय मुख्यमंत्री ने हि.प्र. पॉवर कॉरपोरेशन द्वारा निर्मित किए जा रहे रेणुका बांध के स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि वह निर्माण की प्रगति से संतुष्ट हैं। इस बांध के बनने से न केवल राज्य की बिजली की आवश्यकता पूरी होगी, बल्कि प्रदेश राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और अन्य क्षेत्रों को भी विद्युत आपूर्ति कर सकेगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर लोगों की समस्याओं को सुना और विकासात्मक गतिविधियों को दर्शाती विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का उद्घाटन किया तथा रेणुका मंदिर न्यास की अध्यक्षता भी की।   सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री श्रीमती विद्या स्टोक्स, मुख्य संसदीय सचिव श्री विनय कुमार, विधायक श्री करनेश जंग, राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष श्री गंगू राम मुसाफिर, रोजग़ार एवं संसाधन सृजन के अध्यक्ष श्री हर्ष वर्धन चौहान, अध्यक्ष हिमफैड श्री अजय बहादुर, जि़ला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री अजय सोलंकी, समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती सत्या परमार, पूर्व विधायक श्री कुश परमार, पुलिस महानिेदशक श्री संजय कुमार, आईजी पुलिस श्री सी.डी. भार्गव, मुख्य अभियंता लोक निर्माण श्री एम.एस. ठाकुर, मुख्य अभियंता सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य श्री के.सी. धीमतान, सिरमौर के उपायुक्त श्री रितेश चौहान, पुलिस अधीक्षक श्री बलबीर सिंह ठाकुर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

निवेश आकर्षित करेगी इन्टरैक्टिव इन्वेस्टर मीट

शिमला, 02 नवंबर (विजयेन्दर शर्मा)। हिमाचल प्रदेश की विविध भौगोलिक परिस्थितियां इसे प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध एवं सम्पन्न बनाती है जो इसे ज्ञान आधारित उद्योगों की स्थापना के लिए उपयुक्त बनाती है। इसी के मद्देनजऱ प्रदेश सरकार राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग तथा सूचना प्रौद्योगिकी से संबंधित गतिविधियों पर आधारित उद्योगों को बढ़ावा दे रही है। राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों में गुणात्मक एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति तथा बेहतर संचार सुविधाओं के सुधार के लिए मूलभूत सुविधाओं को और सुदृढ़ किया जा रहा है। प्रदेश में ऊर्जा, आवास, जल विद्युत दोहन, सॉफ्टवेयर प्रौद्योगिक पार्क जैसे कुछ ऐसे क्षेत्र हैं, जहां निजी निवेश की अपार संभावनाएं हैं। राज्य सरकार के प्रयास अब प्रदेश में स्थानीय कच्चे माल व संसाधनों पर आधारित क्षमता के दोहन के लिए निजी क्षेत्र के अनुभव व निवेश क्षमता को शामिल करने का है। ‘निमंत्रण से निवेश’ राज्य सरकार का आदर्श वाक्य है और सरकार इस दिशा में निरंतर प्रयासरत है। इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह ने निर्णय लिया है कि निवेशकों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उन्हें राज्य में विभिन्न क्षेत्रों में निवेश करने के लिए प्रेरित किया जाए। इसके लिए मुख्यमंत्री एक उच्च स्तरीय दल, जिसमें प्रदेश के उद्योग मंत्री तथा राज्य सरकार के सचिव स्तर के वरिष्ठ अधिकारी भी होंगे, के साथ देश के चुनिंदा शहरों में  संभावित निवेशकों से मिलेंगे और उन्हें हिमाचल में निवेश के लिए प्रोत्साहित करेंगे।  प्रथम चरण में प्रदेश सरकार द्वारा भारत उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के सहयोग से 5 नवम्बर से 8 नवम्बर तक ‘इंटरैक्टिव इनवेस्टर मीट’ का आयोजन किया जा रहा है। इस ‘इंटरैक्टिव इनवेस्टर मीट’ का आयोजन 5 और 6 नवम्बर को मुम्बई में, 7 नवम्बर को बैंगलूरू में तथा 8 नवम्बर को अहमदाबाद में किया जा रहा है। इस आयोजन को सफल बनाने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा पहले ही देश के प्रमुख औद्योगिक घरानों तथा विदेशी निवेशकों को 1400 से अधिक व्यक्तिगत निमंत्रण पत्र भेजे जा चुके हैं। इस इंटरैक्टिव इनवेस्टर मीट’ को और अधिक कारगर एवं उपयोगी बनाने के लिए यह शिष्टमंडल एक सचल एकल खिडक़ी स्वीकृति प्राधिकरण के रूप में कार्य करेगा तथा जहां तक संभव हो सके, निवेश प्रस्तावों को स्थल पर ही स्वीकृति दी जाएगी। शिष्टमंडल उद्योग जगत के प्रतिनिधियों तथा शीर्ष कम्पनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से विचार विमर्श करेगा और प्रदेश सरकार द्वारा राज्य में निवेशकों को प्रदान किए जा रहे विभिन्न प्रोत्साहनों से अवगत करवाएगा। इस मीट में यह भी सुनिश्चित बनाया जाएगा कि संभावित निवेशकों के लिए हिमाचल में उपलब्ध निर्बाधित विद्युत आपूर्ति, जवाबदेह प्रशासन, औद्योगिक शांति जैसे अनेक प्रोत्साहनों के बारे में भी निवेशकों को अवगत करवाया जाएगा। इस प्रयास के दूसरे चरण में चेन्नई, हैदराबाद, कोलकता तथा नई दिल्ली में ‘इंटरैक्टिव इनवेस्टर मीट’ का आयोजन किया जाएगा। प्रदेश सरकार के इस प्रयास के सार्थक परिणाम आने लगे हैं और मीट के संबंध में उद्योग जगत से अनेक जानकारी उपलब्ध करवाने की मांग प्राप्त हो रही है। इस मीट के दौरान मुख्यमंत्री तथा उद्योग मंत्री देश के प्रतिष्ठित उद्योग घरानों तथा विदेशी कम्पनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से व्यक्तिगत रूप से रू-ब-रू होंगे और उन्हें प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करेंगे। प्रदेश सरकार द्वारा राज्य में बड़ी व मध्यम औद्योगिक इकाइयों के लिए पहले ही स्वीकृति प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। इन इकाइयों को तुरंत स्वीकृति प्रदान करने के लिए तथा विभिन्न विभागों एवं एजेंसियों से स्वीकृति प्राप्त करने के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एकल खिडक़ी स्वीकृति एवं अनुश्रवण प्राधिकरण का गठन किया गया है। प्रदेश के उद्योग विभाग में ‘निवेश प्रोत्साहन प्रकोष्ठ’ की स्थापना की गई है, ताकि राज्य में नए निवेश को आकर्षित किया जा सके। उद्यमियों की सुविधा के लिए एक संयुक्त अंतरविभागीय आवेदन पत्र उपलब्ध करवाया गया है और नये निवेश के लिए 90 दिनों के भीतर स्वीकृति प्रदान की जा रही है। राज्य सरकार निवेशकों को स्थानीय कर में छूट, सरल श्रम कानून, औद्योगिक क्षेत्रों एवं एस्टेट के लिए सरलता से भूमि की उपलब्धता, निर्यात एवं उत्पादन, गुणवत्ता तथा शोध एवं विकास केन्द्र के लिए विभिन्न प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। राज्य सरकार उद्योग के लिए देय स्टाम्प शुल्क में भी छूट प्रदान कर रही है तथा उद्योगों के लिए फ्लोर एरिया रेशो में भी छूट दी गई है। प्रदेश में स्थापित होने वाले नये उद्योगों के लिए राज्य में निर्बाधित विद्युत आपूर्ति सबसे महत्वपूर्ण प्रोत्साहन है, जो उन्हें देश में सबसे कम दर पर उपलब्ध करवाई जा रही है, यही नहीं, राज्य सरकार उद्योगों को आगामी पांच वर्षों तक विद्युत दरों में बढ़ोतरी न करने का मन बना चुकी है। प्रदेश सरकार ने औद्योगिक इकाइयों के लिए भूमि हस्तांतरण करने की प्रक्रिया को भी सरल बनाया है। राज्य सरकार औद्योगिक, पर्यटन तथा जल विद्युत क्षेत्रों के लिए निजी भूमि के हस्तांतरण को कम से कम समय में सुनिश्चित बना रही है।

दीपक प्रोजेक्ट का दफ्तर हुआ राख 1869 में बनी थी यह इमारत-

शिमला, 02 नवंबर (विजयेन्दर शर्मा)। राजधानी शिमला के एडवांस स्टडी के पास दीपक प्रोजेक्ट के दफ्तर में शनिवार रात 9.30 बजे भीषण आग लग गई। इसमें करोड़ों रुपये का सामान जल गया। यह ग्रेफ के दीपक प्रोजेक्ट का मुख्यालय है। जहां प्रोजेक्ट का दफ्तर है उस इमारत को धरोहर का दर्जा प्राप्त है। अचानक लगी इस आग के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया। वहीं फायर ब्रिगेड की गाडिय़ां भी आग पर काबू पाने में जुट गई थी। मौके पर सैकड़ों लोग भी पहुंचे थे लेकिन आग की उठती लपटें दो किलोमीटर दूर से भी साफ देखी जा रही थीं। फायर ब्रिगेड के चीफ फायर आफिसर भूपाल सिंह चौहान ने बताया कि उन्हें आग लगने की सूचना रात साढ़े नौ बजे मिली। इसके बाद माल रोड, छोटा शिमला तथा बालूगंज से फायर ब्रिगेड के दल मौके पर रवाना हो गए तथा आग बुझाने का काम शुरू किया। आग बुझाने में तीन गाडिय़ों समेत दो दर्जन अग्निशमन कर्मियों को लगाया गया है।

1869 में बनी थी यह इमारत
अंग्रेजी हुकूमत के दौरान 1869 में इस इमारत का निर्माण हुआ था। यह इमारत पूरी लकड़ी से बनी है। लिहाजा आग ने पलक झपके ही इसे पूरी तरह अपनी आगोश में ले लिया।

कई अहम दस्तावेज भी जले
इस इमारत में दीपक प्रोजेक्ट के कई अहम दस्तावेज भी। आग में इनके भी जलने की आशंका है। बताया जा रहा है कि इनमें ले कुछ मामलों को लेकर जांच भी चल रही थी।

वनमंत्री ने बस हादसे पर किया दुख व्यक्त

शिमला, 02 नवंबर (विजयेन्दर शर्मा)। वन एवं मत्स्य मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी ने चंबा जि़ले के सलूणी उपमंडल के हिमगिरी में निजी बस के दुर्घटनाग्रस्त होने से हुई लोगों की मौत पर गहरा षोक व्यक्त किया है। दुर्घटना की सूचना मिलते ही उन्होंनेअधिकारियोंको मौकपर जाकर हादसे के षिकार लोगोंकोतुरंतराहतप्रदानकरने के निर्देष भी दिए। वनमंत्री ने षोक संतप्तपरिवारों के प्रतिसंवेदनाएं प्रकट की है तथा हादसे में घायलों के षीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।

शिक्षा क्षेत्र में 4282 करोड़ रूपये का किया गया प्रावधान: केवल पठानिया
  • सर्वसम्मति से चुना गया पूर्व छात्र संगठन का अध्यक्ष

धर्मशाला, 02 नवंबर (विजयेन्दर शर्मा)। प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है तथा इस वित्त वर्ष में शिक्षा क्षेत्र हेतु 4282 करोड़ रूपये का प्रावधान रखा गया है। वर्तमान सरकार ने अपने कार्यकाल में 693 से अधिक स्कूल खोले हैं या उनका दर्जा बढ़ाया है। युवाओं को उच्च शिक्षा सुलभ बनाने के लिये प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर 14 नये डिग्री कॉलेज खोले गये हैं। प्रतिष्ठित उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश के लिये मेधावी विद्यार्थियों को एकमुश्त 75 हजार रूपये तक की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। यह जानकारी उपाध्यक्ष वन निगम केवल पठानिया ने आज कॉलेज के पूर्व छात्र संगठन की बैठक के अवसर पर दी। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा 19 लाख से अधिक मेधावी तथा जरूरतमंद छात्रों को लाभान्वित करने के लिए 13 छात्रवृति योजनाओं के अन्तर्गत 17.13 करोड़ रूपये व्यय किये जा रहे है।वर्तमान में वरिष्ठ माध्यामिक विद्यालयों में दिलाई जा रही आईटीआई शिक्षा में 96 हजार विद्यार्थियों को दाखिला दिया गया है। वन निगम के उपाध्यक्ष ने राजकीय कॉलेज धर्मशाला के साईंस ब्लॉक के लिये 1 करोड़ 15 लाख और सभागार के निर्माण के लिये 65 लाख रूपये धनराशि उपलब्ध करवाने के लिये मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश वीरभद्र सिंह का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि सभागार के निर्माण कार्य पूर्ण करवाने के लिये अतिरिक्त धनराशि प्राप्त करने के लिये माननीय मुख्यमंत्री से बात की जायेगी। इस अवसर पर केवल सिंह पठानिया को सर्वसम्मति से कॉलेज के पूर्व छात्र संगठन का अध्यक्ष चुना गया। पठानिया ने कहा कि संगठन के कार्यकारिणी का चुनाव शीघ्र ही करवाया जायेगा। संगठन के पूर्व अध्यक्ष डॉ0 एलएम शर्मा और पूर्व सचिव एनएन शर्मा, पूर्व सलाहकार डॉ0 चक्रा, कॉलेज प्रचार्य आरपी चोपड़ा, विपिन कटोच, कुलदीप बंटा, मैडम ढडवाल कर्नल जयगणेश सहित कॉलेज व संगठन से जुड़े लोग उपस्थित थे।

प्रदेश सरकार वेट कम करें,बस किराया घटाकर आम जनता को दे राहत:-पठानियां

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हमीरपुर, 02 नवंबर (विजयेन्दर शर्मा)। केंद्र सरकार ने एक माह में दो बार डीजल व पेट्रौल के मुल्य में भारी कमी कर मंहगाई को नियंत्रण करने में एतिहासिक कदम उठाया है। यह बात भाजयुमो जिला मिडिया प्रभारी विशाल पठानियां ने कही। उन्होंने कहा कि जब से केंद्र में मोदी सरकार द्वारा कार्य भार संभाला गया है तब से भारत की जनता को बढ़ती हुई मंहगाई से निजात दिलवाने के लिए बहुत से ऐसे निर्णय लिए है जिससे कि आसमान छूती मंहगाई को रोका व कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह परिणाम कुछ माह में ही मोदी सरकार की कुशल कार्यप्रणाली को दर्शाता है कि केंद्र सरकार ने किस तरह से पूर्व यूपीए सरकार की गलत नीतियों में तुरंत सुधार कर अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए अथक प्रयास किए है। उन्होंने का कि जिस तरह से केंद्र सरकार ने डीजल के मुल्य में कमी की है और रसोई गैस के दामों में भी कमी की है उससे यह साफ लगता है कि मोदी सरकार मंहगाई को रोकने में पूरी तरह सफल हो रही है। इसके अलावा तेल की घटती कीमतों से यह निश्चित है कि माल भाड़े के किरायों में कमी आएगी, जिसका सीधा असर आम जनता की रोजमर्रा की वस्तुओं के मुल्यों पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जब से केंद्र में मोदी सरकार कार्य कर रही है, तब से विकास दर में भी वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार जनता को अभी मंहगाई से निजात दिलाने के मूड़ में नहीं है। एक तरफ केंद्र सरकार तेल की कीमतें कम कर रही है तो दूसरी तरफ प्रदेश सरकार तेल में अतिरिक्त वैट लगाकर व रसौई गैस के मुल्यों में वृद्धि कर प्रदेश की जनता को लूटने का काम कर रही है। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की है कि जनता को मंइगाई से राहत देने के लिए लगाए वैट को हटाया जाए एवं बस व माल भाड़ा को कम किया किया जाए, अन्यथा भाजयुमो इसका कड़ा संज्ञान लेगा।

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