बोफोर्स तोप सौदे में दलाली के भूत़ से बाहर निकलते हुए रक्षा मंत्रालय ने ढाई दशक बाद 17 हजार करोड रुपये की लागत से तोप खरीदने का बडा निर्णय लिया है. रक्षा मंत्री बनने के बाद मनोहर पर्रिकर की अध्यक्षता में आज यहां रक्षा खरीद परिषद की पहली बैठक हुई जिसमें सेना की तोपों की कमी को पूरा करने के लिए 814 तोप खरीदने का निर्णय लिया गया। लगभग दो घंटे चली बैठक में 7 हजार करोड रुपये की लागत से वायु सेना के लिए एकीकृत वायु कमान नियंत्रण प्रणाली तथा एयर सेंसर खरीदने को भी मंजूरी दी गई । रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने बैठक के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि 56 एवरो विमानों तथा पिलेटस प्रशिक्षु विमानों की खरीद के प्रस्तावों को अगली बैठक तक के लिए टाल दिया गया है.
रक्षा मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि बैठक में एवरो और पिलेटस विमानों के प्रस्तावों के बारे में और जानकारी मांगी गई है. ये प्रस्ताव लंबे समय से अटके पडे हैं और सरकार इन्हें लेकर अभी भी सावधानी बरत रही है. मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी मेक इन इंडिया़ योजना को आगे बढाने की प्रकिया पर भी बैठक में विस्तार से चर्चा हुई । श्री पर्रिकर ने कहा कि अधिक से अधिक रक्षा उत्पादों को देश में ही बनाये जाने के उपाय और तरीके खोजे जाने की जरुरत है. उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि माहौल को निवेश के अनुकूल बनाया जाना चाहिए जिससे अधिक से अधिक निवेशकों को आकर्षित किया जा सके। रक्षा मंत्री ने जोर देकर कहा कि वह तेजी तथा पारदर्शी तरीके से निर्णय लेने की प्रक्रिया को जारी रखेंगे।
उन्होंने कहा कि बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि अब रक्षा खरीद परिषद की बैठक महीने में एक से अधिक बार भी हो सकती है.इसके अलावा यह भी तय हुआ है कि छोटे एजेन्डे पर चर्चा के लिए भी यह बैठक बुलाई जा सकती है. पहले एजेन्डे में विषय ज्यादा होने पर ही यह बैठक बुलाई जाती थी।
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