दिल्ली मेट्रो के परिचालन से न.न केवल ईंधन की खपत में पौने तीन लाख टन की वार्षिक कमी आई है. बल्कि प्रदूषित तत्वों और सड़क दुर्घटनाों की वार्षिक दर में भी कमी आई है। शहरी विकास राज्य मंत्री बाबुल सुप्रियो ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में आज यह जानकारी दी। श्री सुप्रियो ने बताया कि दिल्ली मेट्रो की वजह से सड़क पर वाहनों का दैनिक दबाव कम हुआ है। उन्होंने केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीआरआरआई) के आंकड़ों के हवाले से बताया कि मेट्रो की वजह से प्रतिदिन औसतन तीन लाख 90 हजार 971 वाहन सड़क पर नहीं उतर रहे हैं. जबकि यात्रा के समय में औसतन 32 मिनट की कमी आई है।
उन्होंने बताया कि ईंधन की खपत में दो लाख 76 हजार टन की वार्षिक कमी आई है तथा पांच लाख 77 हजार 148 टन प्रदूषक तत्व कम हुए हैं। करीब 193 किलोमीटर लंबे नेटवर्क वाली दिल्ली मेट्रो में औसतन 23 लाख 85 हजार यात्री यात्रा करते हैं। श्री सुप्रियो के अनुसार. दिल्ली मेट्रो के परिचालन से प्रतिवर्ष 125 घातक सड़क दुर्घटनाों में कमी आई है. जबकि प्रतिवर्ष 937 सामान्य दुर्घटनाएं कम हो रही हैं। मुंबई मेट्रो के परिचालन से यात्रा का समय 71 मिनट से कम होकर 21 मिनट रह गया है तथा सड़कों पर वाहन संबंधी यातायात के दबाव में भी 20 से 25 प्रतिशत की कमी आई है।

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