भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड.बीसीसीआई. ने व्यावसायिक हित रखने वाले प्रशासकों और संचालकों की जो सूची बुधवार को उच्चतम न्यायालय में पेश की उसमें पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर. टीम इंडिया के निदेशक रवि शास्त्री और चयन समिति में शामिल क ृष्णामाचारी श्रीकांत शामिल हैं। बीसीसीआई ने आईपीएल. छह में स्पॉट फिक्सिंग और सट्टेबाजी मामले में सुनवाई कर रही दो सदस्यीय विशेष खंडपीठ के निर्देशानुसार उन संचालकों और प्रशासकों की सूची पेश की जिनके आईपीएल और चैंपियंस लीग में व्यावसायिक हित जुड़े हुये हैं। बीसीसीआई द्वारा न्यायमूर्ति टी एस ठाकुर और न्यायमूर्ति एफएमआई कलीफुल्ला की खंडपीठ के समक्ष पेश सूची में पूर्व क्रिकेटर गावस्कर. शास्त्री और श्रीकांत के अलावा पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली और लालचंद राजपूत तथा वेंकटेश प्रसाद शामिल है। सूची पर नजर डालने के बाद न्यायालय ने कहा कि श्रीकांत राष्ट्रीय चयनर्कताों में शामिल है साथ साथ ही वह सनराइर्जस हैदराबाद के मेंटर भी है और यह कैसे संभव है। गौरतलब है कि आईपीएल भ्रष्टाचार मामले में बीसीसीआई के अस्थायी तौर पर निलंबित किये गये अध्यक्ष एन श्रीनिवासन के स्थान पर आईपीएल 2014 के संचालन का जिम्मा भी साैंपा गया था।
अदालत ने कल यह जानकारी उस समय मांगी जब बोर्ड ने बीसीसीआई के नियम 6.2.4 में विवादास्पद संशोधन का बचाव शुरू किया। इस नियम के माध्यम से ही ख्ोल प्रशासकों के हितों के टकराव के प्रावधान से छूट देने के साथ ही आईपीएल और चैंपियंस लीग में टीम खरीदने की अनुमति प्रदान की गई थी। खंडपीठ ने मंगलवार को मामले पर सुनवाई करते हुये इस सूची का अवलोकन करने का निश्चय करने से पहले कुछ तल्ख टिप्पणियां कीं और कहा कि आसमान नहीं गिर पड़ेगा यदि बीसीसीआई के अधिकारी टीम के मालिक नहीं होंगे। न्यायालय ने कहा कि यदि बीसीसीआई के अध्यक्ष टीम के मालिक नहीं होंगे तो इससे समूची आईपीएल परियोजना ध्वस्त नहीं हो जाएगी और क्या व्यावसायिक हितों के बगैर आईपीएल का आयोजन संभव नहीं है।

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