बिहार विधान सभा में प्रतिपक्ष और भारतीय जनता पार्टी:भाजपा: के नेता नन्दकिशोर यादव ने आज कहा कि राज्य सरकार के कुशासन के कारण प्रदेश की जनता चौतरफा समास्याएं झेल रही है लेकिन सरकार विधान मंडल का शीतकालीन सत्र छोटा कर इन इन गंभीर मुद्दों पर चर्चा से बचने की कोशिश कर रही है जिसे सफल नहीं होने दिया जायेगा. श्री यादव ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था चौपट हो चुकी है। हत्या. बलात्कार और लूट की घटनाएं बढ़ गई है । विकास ठप है और भ्रष्टाचार चरम पर है।किसान परेशान हैं तो नर्सें हड़ताल पर।अस्पतालों में दवा नहीं मिल रही है । उन्होंने कहा कि ऐसे कई गम्भीर मुद्दे हैं लेकिन सरकार विपक्ष के सवालों से बचना चाहती है । जनता की आवाज को दबाने के लिए ही विधानमंडल का सत्र बहुत छोटा रखा गया है.बावजूद इसके भाजपा सदन में सरकार की खिंचाई करने में कोई कसर बाकी नहीं रखेगी. प्रतिपक्ष के नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी और उनके राजनीतिक आका नीतीश कु मार के बीच लकीर छोटी करने की लड़ाई इतनी बड़ी हो गयी है कि जनता दल यूनाइटेड :जदयू: सरकार अपना राजधर्म निभाना भी भूल गई है। उन्होंने कहा कि स्थिति ऐसी हो गयी है कि अब पटना अपराध की राजधानी बन गया है । श्री यादव ने कहा कि सरकार ईमानदार अफसरों पर राजनीतिक द्वेष के तहत कार्रवाई कर रही है। दवा घोटाला के आरोपियों को बचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक साल में पटना नगर निगम को बर्बाद कर दिया गया 1 इसके कारण हाईकोर्ट को बार बार हस्तक्षेप करना पड़ रहा है।
प्रतिपक्ष के नेता ने कहा कि श्री नीतीश कु मार ने श्री लालू प्रसाद यादव से हाथ मिलाकर जो विकास विरोधी महौल बनाया. उससे दबंगों अपराधियों का मन बढ़ गया है। गया में सामान्य तिलकुट व्यवसायी के साथ राष्ट्रीय जनता दल :राजद: विधायक के लोगों ने मारपीट की और सत्ता की धौंस दिखाने के लिए दूसरे दिन शहर को बंद भी कराया गया. श्री यादव ने कहा कि दबंगयी और राजनीतिक सीनाजोरी साथ श साथ चल रही है। विश्व पर्यटन के नक्शे पर रहने वाले गया जैसे शहर में सत्तारू ढ़ दल के लोगों ने जो जंगलराज दिखाया है. उससे बिहार शर्मसार हुआ है । उन्होंने कहा कि इंटरनेट के दौर में तुरंत दुनियॉं को पता चल गया कि बिहार में कैसा शासन चल रहा है। प्रतिपक्ष के नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री मांझी और श्री नीतीश कुमार को बताना चाहिए कि विधान मंडल का सत्र छोटा कर क्या सरकार कड़वे सच पर पर्दा डालना चाहती है और क्या सत्र में व्यापक विचार विर्मश के अवसर कम करना लोकतांत्रिक कदम है । उन्होंने कहा कि विपक्ष को सत्र के दौरान जो भी मौका मिलेगा उसका इस्तेमाल वह जन हित से जुड़े मुद्दों को उठाने में करेगी.
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