भारतीय जनता पार्टी .भाजपा. के वरिष्ठ नेता और बिहार विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष नन्द किशोर यादव ने पटना के पालीगंज में चार लोगों की नृशंस हत्या की कड़ी निंदा करते हुए आज कहा कि यदि राज्य की जीतन राम मांझी सरकार प्रदेश को सुशासन. सुरक्षा. विकास नहीं दे सकती है तो फिर उसे सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। श्री यादव ने यहां कहा कि राजधानी पटना से कुछ किलोमीटर दूरी पर स्थित पालीगंज में जिस तरह घर में घुसकर चार लोगों को बेरहमी से मार डाला गया. उसकी जितनी निंदा की जाये कम है । ये कोई आम आपराधिक घटना नहीं है। मारे गए सभी लोग अति पिछड़ी जाति के गरीब थें. जिसका कसूर सिर्फ इतना था कि उन्होंने कु छ अराजक और दबंग तत्वों को रंगदारी में मछली नहीं दिया था। इस कारण उनकी हत्या कर दी गयी।
भाजपा नेता ने सवालिया लहजे में कहा ..अंदाजा लगाइए कि जिस राज्य में सिर् मछली नहीं देने पर हत्याकांड हो रहा है. वहां के लोग किस कदर दहशत में जीने पर मजबूर हैं। अपने नागरिकों. खासकर कमजोर तबकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की होती है लेकिन बिहार की मौजूदा सरकार को अपनी जिम्मेदारियों का कोई अहसास ही नहीं 1मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी और उन्हें मुख्यमंत्री बनाने वाले नीतीश कुमार पिछड़ोंशदलितोंश महादलितों के बारे में बातें तो बड़ीशबड़ी करते हैं लेकिन इस सवाल का कोई जवाब नहीं देते कि जदयू के शासन में पिछड़ों दलितों महादलितों को क्यों निशाना बनाया जा रहा है.
श्री यादव ने कहा कि कहीं दलितों के घर फूंके जातें हैं तो कहीं उन्हें बेवजह माराशपीटा जाता है। कहीं लूट लिया जाता है. तो कहीं हत्या कर दी जाती है। उन्होंने कहा कि अपराधी सूबे में कमजोर नेतृत्व और ठप पड़ी कानूनशव्यवस्था का फायदा उठा रहे हैं और उनमें कानून का कोई डर नहीं रह गया है। भाजपा नेता ने कटाक्ष करते हुए कहा कि श्री मांझी के नेतृत्व वाली राज्य की वर्तमान जनता दल यूनाईटेड .जदयू. सरकार सिर् ईमानदारी से बता दे कि पिछले डेढ़ साल में बिहार में पिछड़ों. दलितों और महादलितों के खिलाफ अपराध की कितनी घटनाएं हुई हैं. कितनी र्दज की गई और क्याशक्या कार्रवाई हुई हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर काफी चिंतित है और यदि शीघ्र ही इस पर काबू नहीं पाया गया तो यहां सबकुछ तबाह हो जाएगा।
श्री यादव ने कहा कि यदि जल्द हालात में बदलाव नहीं हुआ तो पूर्ववर्ती सरकार की तरह एक बार फिर से लोगों का पलायन बढ़ जाएगा. निवेशक आने से कतराने लगेंगे और शाम होतेशहोते कस्बेशबाजार बंद होने लगेंगे। बिहार के लोग कुशासन के इसी नरक में पहले भी 15 साल तक रह चुके हैं। बड़ी मुश्किल से राज्य को कु शासन से निकाला था लेकिन राजद की संगति में आने के बाद से जदयू ने भी कुशासन को ही शासन मानने की सोच बना ली है।

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