भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड (डब्ल्यूआईसीबी) को ताजा नोटिस जारी कर एक बार फिर पिछले साल अक्टूबर में टीम के भारत दौरा बीच में छोड़ने के मामले में जल्द से जल्द मुआवजे का भुगतान करने की मांग की है।
बीसीसीआई ने डब्ल्यूआईसीबी के अध्यक्ष डेव कैमरन और अंतर सरकारी कैरेबियाई समूह (कारीकोम) महासचिव इरविन लारोक्यू को नोटिस भेजकर जल्द से जल्द मुआवजे की मांग की है। भारतीय बोर्ड ने कैरेबियाई टीम के अपने आंतरिक विवादों के बाद भारत दौरा बीच में छोड़े जाने पर वेस्टइंडीज बोर्ड से 4.19 करोड़ डॉलर के मुआवजे की मांग की थी।
बीसीसीआई ने साथ ही वेस्टइंडीज बोर्ड को जल्द से जल्द मुआवजे का भुगतान नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। गौरतलब है कि पिछले साल अक्टूबर में भारत दौरे पर आई वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम ने अपने वेतन के भुगतान संबंधी विवादों के कारण सीरीज बीच में ही छोड़ दी थी। इसके बाद बोर्ड को श्रीलंकाई टीम को निवेदन कर सीरीज के कार्यक्रम को पूरा करने के लिए भारत बुलाना पड़ा था।
भारतीय बोर्ड के सचिव संजय पटेल ने वेस्टइंडीज बोर्ड को लिखे खत में कहा कि वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड के साथ हमारे इस विवाद में कारीकोम ने हस्तक्षेप कर 40 दिनों की मोहलत मांगी थी। हमने उनकी बात को मान कर इस समयावधि का पालन किया। ताकि मामले का हल निकल सके। लेकिन बीसीसीआई को इस बात से हताशा हुई है कि अब तक इस मामले में आगे की कार्रवाई नहीं हुई है। जबकि दी गई अवधि पहले ही बीत चुकी है।
पटेल ने कहा कि बीसीसीआई अब किसी हाल में डब्ल्यूआईसीबी के खिलाफ कार्रवाई के इरादे को टालेगी नहीं और इसके लिए भारतीय अदालत में कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। हम उम्मीद करते हैं कि कारीकोम हमारी स्थिति को समझ पाएगी। उन्होंने साथ ही कहा कि अगर वेस्टइंडीज बोर्ड 31 अक्टूबर 2014 को भेजे गए बीसीसीआई के पत्र में लिखी हुई मांगों पर अगले सात दिनों में गौर नहीं करता है तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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