बुधवार से शुरू 13वें प्रवासी भारतीय दिवस का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज औपचारिक उदघाटन किया। बुधवार को इस समारोह का उदघाटन करते हुए सुषमा ने भारतवंशियों से 'मेक इन इंडिया' व 'स्वच्छ भारत' जैसे कार्यक्रमों में पूंजी निवेश करने का अनुरोध किया।
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने देश को बदलने में प्रवासी भारतीयों से योगदान की अपील करते हुए कहा है कि सरकार कई ऐसे कदम उठा रही है, जिससे यहां व्यवसाय करना आसान हो जाएगा। इस बार का प्रवासी भारतीय सम्मेलन महात्मा गांधी के दक्षिण अफ्रीका से लौटने के ठीक सौ साल बाद आयोजित हो रहा है। इस वर्ष के सम्मेलन में युवा प्रवासी भारतीयों पर विशेष फोकस किया जा रहा है, जिनमें से कई विदेश में ही पैदा हुए और वहीं पले-बढ़े हैं।
सुषमा स्वराज ने कहा कि हम आप सभी प्रवासियों से चाहते हैं कि आप देश के विकास में योगदान दें। हम चाहते हैं कि आप भारत के भविष्य को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जो दृष्टिकोण है, उसमें जुड़ें। उन्होंने सरकार की तरफ से शुरू किए गए मेक इन इंडिया, स्मार्ट सिटीज, स्वच्छ भारत मिशन और स्किल इंडिया सहित विभिन्न कार्यक्रमों का उल्लेख किया। सुषमा ने कहा कि सरकार इन सभी कार्यक्रमों को लागू करने के लिए अभियान की तर्ज पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आप इनमें योगदान दे सकते हैं और इस उद्यम में सक्रिय साझेदार बन सकते हैं। हमारी सरकार सुशासन, विशिष्टता, जवाबदेही, पारदर्शिता और तेजी से फैसले लेने को लेकर प्रतिबद्ध है।
महात्मा मंदिर परिसर में प्रवासी युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आज आपके पास भारत की पूर्ण संभावना को समझने के हमारे प्रयास के तहत हमसे जुड़ने के लिए शानदार अवसर मौजूद हैं, विशेषकर विनिर्माण, आधारभूत संरचना के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, शोध और नवाचार, ज्ञान और अर्थव्यवस्था और युवाओं के विकास के क्षेत्र में। प्रवासियों को भारत की सॉफ्टवेयर ताकत का सबसे बेहतरीन उदाहरण बताते हुए सुषमा ने कहा कि प्रवासियों ने भारत को अपने दिल में रखा है। आपने हजारों मील दूर रहते हुए भारत की भावना को जिंदा रखा है।
मंत्री ने कहा कि भारत आज विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, जहां 1.25 अरब जनसंख्या बहुलतावादी राजनीति के माध्यम से अपने लक्ष्य की तरफ जा रहे हैं। जम्मू एवं कश्मीर विधानसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि लोगों ने आतंकवादियों के गोलियों को परास्त करते हुए शांतिपूर्ण बदलाव के लिए पिछले 25 सालों में सबसे अधिक मतदान किया। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान के मंगलयान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि हाल ही में 'टाइम' पत्रिका ने इसे 2014 के बेहतरीन अनुसंधान में स्थान दिया है।

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