देशभर में कोयला श्रमिकों की दो दिन से चल रही हड़ताल मंगलवार को खत्म हो गई. सरकार ने श्रमिक संगठनों को आश्वासन दिया कि सार्वजनिक क्षेत्र की कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) का निजीकरण नहीं किया जाएगा और कर्मचारियों के हितों का संरक्षण किया जाएगा.
हड़ताल के दूसरे दिन 300 करोड़ रपये के उत्पादन के नुकसान का अनुमान है. हड़ताल से 75 प्रतिशत से अधिक उत्पादन ठप रहा. ताप बिजली घरों में कोयला खत्म होने की स्थिति में बिजली संकट पैदा होने की आशंका भी बढ़ गयी थी. कोल इंडिया के कर्मचारियों सहित देशभर में करीब पांच लाख कामगार कल से कोयला खानों में कामकाज से दूरी बनाये हुए थे. भाजपा से जुड़े भारतीय मजदूर संघ समेत पांच बड़े श्रमिक संगठनों ने हड़ताल का आह्वान किया था जो चार दशकों में सबसे बड़ी औद्योगिक हड़ताल बताई जाती है.
कोयला और उर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने ट्रेड यूनियनों के नेताओं के साथ छह घंटे से अधिक समय तक चली मैराथन बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘सीआईएल के निजीकरण का कोई इरादा नहीं है. वर्तमान में और भविष्य में सीआईएल के कर्मचारियों के हितों को किसी भी तरह प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा. सीआईएल का स्वामित्व या प्रबंधन निजी हाथों में जाने को लेकर किसी तरह की आशंका की जरूरत नहीं है.’’ सीआईएल के अध्यक्ष सुतीर्थ भट्टाचार्य ने भी कहा कि हड़ताल तत्काल प्रभाव से समाप्त हो गयी है.
सीआईएल देश की जरूरत का करीब 80 प्रतिशत कोयला उत्पादन करती है.
गोयल ने यूनियन नेताओं को आश्वासन दिया कि सरकार उनकी चिंताओं पर ध्यान देगी और एक संयुक्त सचिव की अध्यक्षता में समिति का गठन करेगी जिसमें सभी पांचों ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधि और सीआईएल तथा सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड के अधिकारी होंगे. गोयल के आश्वासन के बाद पांच दिन के लिए शुरू की गयी हड़ताल दूसरे दिन समाप्त हो गयी. बैठक के बाद एटक नेता लखन लाल महतो ने कहा, ‘‘हड़ताल वापस ले ली गई है.’’ इंडियन नेशनल माइनवर्कर्स फेडरेशन के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने भी पुष्टि की कि हड़ताल समाप्त हो गई है.
इस बीच झारखंड और पश्चिम बंगाल में कोयला मजदूरों और पुलिस के बीच झड़प की खबरें आईं.
पिछली देर रात कोयला सचिव अनिल स्वरूप के साथ बातचीत से कोई सकारात्मक नतीजे नहीं निकलने पर यूनियन के नेताओं ने कहा था कि वे चाहते हैं कि बातचीत के लिए राजनीतिक नेतृत्व सामने आए. इसके बाद केंद्रीय मंत्री गोयल और कोल इंडिया चेयरमैन भट्टाचार्य ने हड़ताल खत्म करने के लिए एक सौहार्दपूर्ण समाधान निकालने के लिहाज से आज ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की.
कोल इंडिया मंगलवार को केवल करीब 2 लाख टन कोयले का उत्पादन कर सकी, जबकि कल उत्पादन 2.2 लाख टन रहा था. सिंगरेनी कोलियरीज की खानों में भी उत्पादन प्रभावित हुआ जहां एक दिन में करीब एक लाख टन कोयले का उत्पादन होता है.
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