आरजेडी और जेडीयू का विलय तय - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

रविवार, 4 जनवरी 2015

आरजेडी और जेडीयू का विलय तय

पूर्व  मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की आरजेडी और नीतीश कुमार की जेडीयू का विलय का रास्ता साफ हो गया है। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश की मौजूदगी में इस फैसले पर मुहर लग गई। हालांकि पार्टी की कमान कौन संभालेगा, किन नेताओं को क्या पद दिए जाएंगे, ये अभी साफ नहीं हुआ है।  

बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राज मांझी और बिहार के वरिष्ठ मंत्री रमई राम ने तो खुलकर दोनों पार्टियों के विलय की वकालत की थी। हालांकि नवंबर 2014 में नीतीश कुमार ने राष्ट्रीय जनता दल और जनता दल यू के विलय होने की अटकलों पर विराम लगाया था। उन्होंने कहा था कि विलय की कोई संभावना नहीं है और दोनों दलों में गठबंधन है।

साल 2014 अगस्त में बिहार विधानसभा की दस सीटों के लिए हुए उपचुनाव में जेडीयू-आरजेडी ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था और वे छह सीटों पर विजयी रहे थे। पिछले साल जून में बीजेपी से नाता खत्म होने के बाद नीतीश कुमार के विश्वासमत हासिल करने के समय कांग्रेस ने उनका समर्थन किया था।

कोई टिप्पणी नहीं: