पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की आरजेडी और नीतीश कुमार की जेडीयू का विलय का रास्ता साफ हो गया है। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश की मौजूदगी में इस फैसले पर मुहर लग गई। हालांकि पार्टी की कमान कौन संभालेगा, किन नेताओं को क्या पद दिए जाएंगे, ये अभी साफ नहीं हुआ है।
बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राज मांझी और बिहार के वरिष्ठ मंत्री रमई राम ने तो खुलकर दोनों पार्टियों के विलय की वकालत की थी। हालांकि नवंबर 2014 में नीतीश कुमार ने राष्ट्रीय जनता दल और जनता दल यू के विलय होने की अटकलों पर विराम लगाया था। उन्होंने कहा था कि विलय की कोई संभावना नहीं है और दोनों दलों में गठबंधन है।
साल 2014 अगस्त में बिहार विधानसभा की दस सीटों के लिए हुए उपचुनाव में जेडीयू-आरजेडी ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था और वे छह सीटों पर विजयी रहे थे। पिछले साल जून में बीजेपी से नाता खत्म होने के बाद नीतीश कुमार के विश्वासमत हासिल करने के समय कांग्रेस ने उनका समर्थन किया था।
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