बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने आज एक बार फिर इशारों में ही अपनी दावेदारी दोहराते हुए कहा कि अगले मुख्यमंत्री के लिए वह खुद श्री नीतीश कुमार के नाम का प्रस्ताव रख्ोंगे लेकिन विलय के बाद इस पर फैसला सभी परिस्थितियों को देखकर विधायक ही करेंगे। श्री मांझी ने आज यहां ..जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम.. के बाद संवाददाता सम्मेलन में दुहराया कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री किसी दलित को हीं बनना चाहिये 1 उन्होंने कहा कि उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद से दलितो में उम्मीद जगी है और उनकी अपेक्षा है कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री दलित हीं हो और इसी वजह से वह यह बात कहते है।उन्होंने कहा कि वैसे जब भी अगले मुख्यमंत्री के लिये किसी नेता के नाम पर विचार होगा तो वह खुद श्री नीतीश कुमार के नाम का प्रस्ताव रखेंगे लेकिन विलय के बाद देश काल. राजनीतिक परिस्थिति और वोटर को देखकर हीं विधायक मुख्यमंत्री को चुनेंगे। श्री मांझी ने कहा कि विलय के बाद श्री शरद यादव.श्री लालू प्रसाद यादव और श्री मुलायम सिंह यादव के साथ बैठकर श्री कुमार संगठन के स्वरूप पर चर्चा करेंगे 1 उन्होंने कहा कि यदि बड़े नेताों को लगा कि श्री कुमार ठीक रहेंगे तो वे हीं नेता होंगे और यदि उन लोगों को लगा कि मांझी ठीक रहेंगे तो वह भी नेता हो सकते है।इसके अलावा यदि किसी अन्य नेता का नाम सामने आया तो वही हमारा नेता होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह आज भी कहते है कि श्री नीतीश कुमार बढि़या मुख्यमंत्री होंगे.उन्होंने बिहार को बीमारू प्रदेश की कतार से बाहर निकाल कर विकास की राह पर आगे बढ़ाया है । उन्होंने पिंर कहा कि श्री कुमार के साथ उनका किसी तरह का मतभेद नहीं है।
श्री मांझी ने एक सवाल के जवाब में स्वीकार किया कि कल उन्होंने राज्य के दलित अधिकारियों के साथ गुप्त बैठक की थी।उन्होंने कहा कि श्री नीतीश कुमार भी जब मुख्यमंत्री थे तब वह इस तरह की बैठक करते थ्ो।वह भी उनके पदचिह्नों पर चल रहे है।उन्होंने कहा कि जब श्री कुमार ऐसी बैठक करते थे तब मीडिया इस बारे में कोई सवाल नही करता था लेकिन उनसे इसपर सवाल किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठक में अधिकारियों ने जातिगत कारणों से प्रोन्नति और अन्य मामलों में भेदभाव के बारे में बताया है।अधिकारियों ने यह भी कहा कि दलित होने के कारण उन्हें मुकदमों में फंसा दिया जाता है जबकि वैसे हीं मामलो में अन्य लोग बरी हो जाते है। बैठक में दो सौ से अधिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया था। श्री मांझी ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि वह अभी कुर्सी छोड़ने वाले नही है। उन्होंने कहा कि जब पार्टी मझधार में थी तब इसी मांझी ने नैय्या को पार लगाया था। इस बीच जदयू नेता और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने श्री मांझी के बयान पर कुछ भी कहने से इंकार किया. बार बार पूछे जाने पर श्री कुमार ने बस इतना कहा कि पहले विलय होने दें.

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