इंडोनेशियाई नौसेना की गश्ती नौका को आज एयरएशिया के दुर्घटनाग्रस्त विमान के पिछले हिस्से जैसी प्रतीत होती कोई वस्तु मिली है। विमान के पिछले हिस्से में ही ब्लैक बाक्स और फलाइट डाटा रिकार्डर होते है ऐसे में पिछले हिस्से की बरामदगी से विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारणों पर से पर्दा उठने की उम्मीद जग गयी है। गश्ती नौका के कैप्टन यायन सोफयान ने कहा.. हमें कुछ मिला है और इसकी काफी संभावना है कि वह विमान का पिछला हिस्सा है।.. हालांकि इंडोनेशिया की जांच एवं बचाव समिति ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है। विमान के मलबे की तलाश में जुटे गोताखोरों एवं र्कमचारियों ने आज मौसम साफ होने के बाद फिर जावा समुद्र में तलाशी अभियान शुरू किया और उन्हें समुद्र की तहलटी में एक बडी चीज दिखाई दी। इंडोनेशिया के खोज एवं बचाव समिति के प्रमुख फ्रांसिसकुस बैमबैंग सोलिस्टियो ने कहा कि रविवार तक 34 शव बरामद कर लिए गए थ्ो। जांचर्कता शवों का पोस्टमार्टम कर यह पता लगाने की कोशिश में जुटे हुए हैं कि आखिर विमान के साथ क्या हुआ था।
अबतक विमान के 59 फुट से लेकर 18 फुट तक के पांच बडे टुक डे बरामद किए गए हैं। कई शवों के विमान के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।खराब मौसम के बीच तलाशी अिभयान के र्कमचारी विमान का ब्लैक बाक्स और कई यात्रियों के शव की तलाश के काम में पिछले कई दिनों से जी जान से जुटे हुए हैं। अत्याधुनिक तकनीक से लैस कम से कम पांच जहाज विमान क्यूजेड 8501के संदिग्ध बडे भाग दिखाई देने वाले स्थान पर जांच के लिए पहुंच गए हैं। ये जहाज विमान के ब्लैक बाक्स को खोजने का काम करेंगे। इंडोनेशिया की मौसम संबंधी एजेंसी ने कहा कि ऊंची लहरों एवं तेज हवाों के कारण खोज काया6 में काफी परेशानियों का सामना करना पडा है। खराब मौसम के कारण शव और ब्लैक बाक्स बरामद करने में मुश्किल आ रही हैं। दुर्घटनाग्रस्त होने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिये विमान का ब्लैक बाक्स का मिलना जरुरी है। इंडोनेशिया एयरएशिया का सुराबाया से सिंगापुर तक उडान का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। हवाई परिवहन के कार्यकारी महानिदेशक ने कहा.. कृपया फलाइट लाइसेंस की जांच और दुर्घटनाग्रस्त विमान की जांच के बीच के अंतर को समझें। एयरएशिया पूरी तरह गलत है क्योंकि उसके विमान ने निर्धारित समय पर उडान नहीं भरी। हम जल्द ही जांच खत्म होने की उम्मीद कर रहे है जिससे पता चलें कि क्या कुछ गलत था। जांच से जुडे एक सूत्र ने बताया कि रडार डाटा के अनुसार दुर्घटनाग्रस्त होने से पहले विमान को .अविश्वसनीय. ऊंचाई पर ले जाया गया था। ऐसी आशंका जतायी जा रही है कि अत्यधिक ऊंचाई के कारण उपकरणों ने काम करना बंद कर दिया होगा जिससे पायलट को सूचनाएं नहीं मिल पायी होगी।
गौरतलब है कि 28दिसंबर को सुराबाया से सिंगापुर जा रहा विमान क्यूजेड 8501 उडान भरने के कुछ मिनट बाद ही लापता हो गया था। जिसके दुर्घटनाग्रस्त हो जाने की शंका जताई जा रही थी। विमान की तलाश में कई देशों के जहाज.विमान तथा हेलीकाप्टर उत्तरी जावा समुद्र तथा दक्षिण बोर्नो के तट पर शवों. मलबों तथा विमान के ब्लैक बाक्स की तलाश में जुटे हुए हैं।

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