कांगे्रस ने रक्षा सौदों में बिचौलियों के संबंध में रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के बयान के मद्देनजर इस मुद्दे पर र्सवदलीय बैठक बुलाने की मांग की है । श्री पर्रिकर ने इसी सप्ताह कहा था कि रक्षा सौदों में एजेंटों को कानूनी मान्यता देने पर विचार किया जा रहा है । कांगे्रस के प्रवक्ता अभिषेक सिंघवी ने यहां संवाददाताों से कहा कि यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुडा हुआ है और किसी भी निर्णय पर पहुंचने से पूर्व इस पर विस्तृत विचार विर्मश किया जाना चाहिये. उन्होंने कहा कि इस पर र्सवदलीय बैठक बुलाकर चर्चा की जानी चाहिये क्योंकि इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं.
प्रवक्ता ने कहा कि ऐसे मुद्दों पर गंभीर राजनीतिक विचार विर्मश की जरूरत होती है और रक्षा मंत्री को ऐसे मामलों में अचानक ऐसी टिप्पणियां नहीं करनी चाहिये. रक्षा मंत्री ने संवाददाताों से कहा था कि कंपनियों के प्रतिनिधियों को भारत में रखने की अनुमति देने का प्रस्ताव है और वही बिचौलिये होंगे. उन्होंने कहा कि बिचौलिया से उनका मतलब दलाल या कमीशन एजेंट से नहीं है । उल्लेखनीय है कि 1980 के दशक में बोफोर्स तोप सौदे में दलाली के आरोप लगने के बाद बिचौलियों को प्रतिबंधित कर दिया गया था।

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