दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी .आप. के मुखिया अरविंद केजरीवाल एक बार फिर विधानसभा चुनाव में जोर आजमाइश करने के लिए राजधानी में एक अदद पते की तलाश में लगे हैं। दिल्ली का मतदाता बनने की उनकी एक कोशिश नाकाम हो चुकी है और अब वह इसके लिए नये सिरे से कोशिश कर रहे हैं। दरअसल श्री केजरीवाल ने अपने पते में परिवर्तन के लिए आवेदन किया था लेकिन एक गैर सरकारी संगठन ने इसके खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत कर दी कि गाजियाबाद के निवासी होते हुए उनके इस आवेदन पर विचार नहीं किया जाना चाहिए। श्री केजरीवाल मुख्यमंत्री रहते हुए पिछले वर्ष तिलक लेन स्थित सरकारी बंगले में रह रहे थे लेकिन पद छोड़ने के बाद गत जुलाई में उन्होंने यह बंगला खाली कर दिया और वह गाजियाबाद स्थित कौशाम्बी में अपने निवास पर रहने चले गये थे। गत 17 नवम्बर कों उन्होंने अपने पते में परिवर्तन के लिए चुनाव आयोग में आवेदन किया था लेकिन आयोग के सूत्रों के अनुसार इसे खारिज कर दिया गया। चुनाव आयोग की वैबसाइट पर उनके आवेदन के सामने .वापस लिया. लिखा हुआ है।
आप. के अनुसार श्री केजरीवाल ने तिलक लेन स्थित आवास से अपना पता बदलकर विट्ठलभाई पटेल हाउस करने के संबंध में आवेदन किया था लेकिन तकनीकी कारणों से इसे स्वीकार नहीं किया गया। पार्टी का कहना है कि अब श्री केजरीवाल दिल्ली का मतदाता बनने के लिए नये सिरे से आवेदन करेंगे। हालाकि यह स्पष्ट नहीं है कि वह किस पते से यह आवेदन करेंगे। जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 5 .सी. के तहत किसी भी उम्मीदवार को चुनाव लड़ने के लिए राज्य की किसी भी विधानसभा सीट का मतदाता होना जरूरी है। चुनाव आयोग के अनुसार कोई भी उम्मीदवार नामांकन दायर करने की अंतिम तिथि से दस दिन पहले तक मतदाता बनने के लिए आवेदन कर सकता है। दिसम्बर 2013 के चुनाव के नामांकन में श्री केजरीवाल ने मध्य दिल्ली में 41. हनुमान रोड़ को अपना निवास स्थान बताया था।

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