स्विस बैंक खातों में कथित तौर पर कालाधन रखने वाले चर्चित ‘एचएसबीसी सूची’ के नामों खिलाफ जांच में तेजी लाने के कदम उठाए गए हैं और सीबीडीटी ने अधिकारियों से कहा कि वे इन मामलों में विदेशों से साक्ष्य जल्द से जल्द इकट्ठा करें और मार्च के अंत तक जांच पूरा कर अंतिम कार्रवाई करें।
ताजा घटनाक्रम गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा इस सूची के नामों को प्रकट करने से जुड़ा है। ये नाम फ्रांस की सरकार ने कुछ साल पहले भारत को दिये थे। ये नाम एचएसबीसी बैंक की जिनीवा शाखा में कथित काला धन जमा करने वालों के है। इनमें कुल 628 भारतीयों के हैं जिनके खातों में कुल 4,479 करोड़ रुपए जमा थे।
घटनाक्रम से जुड़े सूत्रों ने कहा ‘सभी आयकर जांच इकाइयों से कहा गया है कि वे 15 फरवरी तक इन मामलों में सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए विदेश में आवेदन की प्रक्रिया 15 फरवरी तक पूरी कर ली जाए। इन मामलों में कार्रवाई की अवधि 31 मार्च .. चालू वित्त वर्ष के अंत में खत्म हो जाएगी। सीबीडीटी ने इन मामलों में जांच तेज करने और विदेश से सूचना के लिए आवेदन जल्दी भेजने का निर्देश जारी किया है।’
सूत्रों ने कहा कि आयकर विभाग की उच्चतम नीति निर्माता संस्था केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने इन मामलों में तेजी लाने का फैसला किया है क्योंकि 31 मार्च के बाद कानूनी काला धन धारकों के खिलाफ जांच का कोई अर्थ नहीं रह जाएगा। वित्त वर्ष 2007-08 से जुड़े इन मामलों में कानून के तहत इन पर 31 मार्च 2015 के बाद कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती है।
सूत्रों ने कहा कि सीबीडीटी की विदेशी कर शाखा की विशिष्ट सूचना आदान-प्रदान इकाई (ईओआई) ने आयकर विभाग से कहा कि है कि इस मामलों पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि अमेरिका, ब्रिटेन, स्विट्जरलैंड और खाड़ी जैसे देशों को कानूनी आग्रह भेजा जा सके। क्यों कि 31 मार्च के बाद इन मामलों में कार्रवाई नहीं की जा सकेगी। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इससे पहले कहा था इन मामलों में कार्रवाई 31 मार्च 2015 तक पूरी कर ली जाएगी।
.jpg)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें