काला हिरण शिकार मामला सुप्रीम कोर्ट ने सजा पर रोक का आदेश रद्द किया - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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बुधवार, 14 जनवरी 2015

काला हिरण शिकार मामला सुप्रीम कोर्ट ने सजा पर रोक का आदेश रद्द किया

काला हिरण शिकार मामले में अभिनेता सलमान खान को सुप्रीम कोर्ट से झटका मिला है। कोर्ट ने सलमान की सजा पर रोक के आदेश को रद्द कर दिया है। इस मामले में सलमान को चार साल की सजा हुई थी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सलमान फिर से हाईकोर्ट जा सकते हैं। 

सलमान खान अब ब्रिटेन जैसे कई देशों में नहीं जा सकते हैं। इतना ही नहीं सलमान को विदेश जाने से पहले हर बार अदालत से इजाज़त लेनी होगी। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में पिछली सुनवाई के दौरान राजस्थान हाईकोर्ट को गलत ठहराते हुए कहा था कि सज़ा निलंबित करने के लिए मामला अच्छा हो सकता है, लेकिन दोषसिद्धि पर रोक के लिए नहीं, क्योंकि कानून सभी पर समान रूप से लागू होना चाहिए। हालांकि, पिछले साल 27 अगस्त को सलमान खान ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर कहा था कि अदालत ने हमेशा ही उन्हें सामान्य नागरिक ही माना है और उन्हें कभी कोई विशेष सुविधा नहीं दी गई है। 

इस मामले में एक निचली अदालत ने उन्हें पांच साल की कैद की सजा सुनाई थी। न्यायमूर्ति एसजे मुखोपाध्याय और न्यायमूर्ति ए.के गोयल की सदस्यता वाली एक पीठ ने पिछले साल पांच नवंबर को इस पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। दरअसल, राजस्थान हाईकोर्ट के उस फैसले पर सवाल उठाया गया था जिसके तहत सलमान की दोषसिद्ध पर मामले के गुण दोष का विचार किए बगैर रोक लगा दी गई थी और ऐसा महज इसलिए किया गया था कि पेशे से जुड़े उद्देश्यों को लेकर वह ब्रिटेन की यात्रा के लिए वीजा हासिल कर सकें। सलमान ने दलील दी थी कि यदि हाईकोर्ट द्वारा उनकी दोषसिद्धि पर रोक नहीं लगी तो उन्हें कठिनाई का सामना करना पड़ेगा क्योंकि इससे विदेश यात्रा के उनके अधिकार पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ शीर्ष न्यायालय का रुख किया। गौरतलब है कि ब्रिटिश आव्रजन नियमों के मुताबिक चार साल से अधिक की सजा पाने वाला कोई व्यक्ति वीजा के लिए योग्य नहीं है। चूंकि अभिनेता को पांच साल की सजा सुनाई गई थी इसलिए ब्रिटिश दूतावास ने वीजा देने से इनकार कर दिया था। 

काला हिरण एक संरक्षित प्राणी है और इसका शिकार करना एक संज्ञेय अपराध है। खान के अलावा अभिनेता सैफ अली खान, सोनाली बेंद्रे, तब्बू और नीलम को जोधपुर के पास फिल्म 'हम साथ साथ हैं' की शूटिंग की दौरान शिकार करने का आरोपी बनाया गया था। यह घटना 1998 की है।  

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