केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 45 हजार करोड़ रुपये के कथित घोटाला मामले में पर्ल समूह के खिलाफ जांच में तेजी लाने के लिए चार टीमें गठित की हैं। सीबीआई सूत्रों ने आज यहां बताया कि पर्ल समूह की दो कंपनियों ..पर्ल एग्रोटेक कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसीएल) और पर्ल गोल्डेन फॉरेस्ट लिमिटेड (पीजीएफएल) द्वारा पोंजी योजनाों के माध्यम से बटोरी गई हजारों करोड़ के घोटाले की जांच को गति प्रदान करने के लिए चार टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें जल्द से जल्द जांच करके त्वरित सुनवाई के लिए अदालत को अपनी रिपोर्ट साैंपेंगी।
सीबीआई ने समूह के प्रबंध निदेशक निर्मल सिंह भंगू. उसकी दो कंपनियों तथा निदेशक सुखदेव सिंह के खिलाफ आपराधिक साजिश रचने सहित विभिन्न धाराों के तहत मुकदमा र्दज किया था तथा गत वर्ष फरवरी में पल्र्स समूह के खाते जब्त कर लिये थे। बाजार नियामक केंद्रीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने पीएसीएल के परिचालन पर सवाल खड़े किये थे। सेबी का दावा है कि पीएसीएल ने रीयल एस्टेट कंपनी के माध्यम से गरीब निवेशकों से करीब 45 हजार करोड़ रुपये अर्जित किये हैं। उच्चतम न्यायालय ने शारदा चिटफंड घोटाले के अलावा अन्य पोंजी बचत योजनाों की भी जांच का जिम्मा सीबीआई को साैंपा है।

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