कांग्रेस ने आज आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने योजना आयोग के स्थान पर नीति आयोग बनाकर संघीय ढांचे पर प्रहार किया है और इसे प्रधानमंत्री कार्यालय आयोग बना दिया है। पार्टी ने कहा कि सरकार भूमि अधिग्रहण अध्यादेश भी निजी क्षेत्र को फायदा पहुंचाने के लिए लायी है और वह इसका सडक से संसद तक विरोध करेगी।कांग्रेस के प्रवक्ता अजय कुमार ने यहां पार्टी की नियमित ब्रीफिंग में कहा कि राज्यों को अधिक अधिकार देने की वकालत करने वाली भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने नीति आयोग बनाकर अधिकारों का केन्द्रीकरण कर दिया है .जो देश के संघीय ढांचे पर प्रहार है। उन्होंने कहा कि नये आयोग का जो ढांचा तैयार किया गया है .वह एक तरह से प्रधानमंत्री कार्यालय का विस्तार है। प्रवक्ता ने कहा कि योजना आयोग राज्यों से विचार विर्मश कर उनकी योजनाों के बारे में फैसला करता था लेकिन नये आयोग के तहत किसी राज्य के गांवों के विकास की योजनाएं और पंचायतों के काम भी अब प्रधानमंत्री कार्यालय तय करेगा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार को योजना आयोग में कुछ खामियां लगती थी तो उन्हें दूर किया जा सकता था लेकिन उसने आयोग के काम करने की पूरी प्रक्रिया ही बदल दी है।
श्री अजय कुमार ने कहा कि मोदी सरकार भूमि अधिग्रहण अध्यादेश निजी क्षेत्र को फायदा पहुंचाने के लिए लायी है । उसने इस अध्यादेश के माध्यम से बुनियादी ढांचा क्षेत्र की परिभाषा ही बदल दी है। उनका कहना था कि बुनियादी ढांचे में होटल . रेस्तरां . पर्यटनस्थल . शीत भंडार आदि को भी शामिल कर दिया गया है और यह सब निजी क्षेत्र के लिए जमीन के अधिग्रहण की खातिर किया गया है। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण कानून में यह प्रावधान किया गया था कि कोई अधिकारी यदि किसी के साथ मिलीभगत से भूमि का गलत अधिग्रहण करता है तो उस पर कार्रवाई की जा सकती है। लेकिन अध्यादेश में इस प्रावधान को हटा दिया गया है । इसके अलावा यह व्यवस्था भी कर दी गई है कि यदि किसी भूमि के अधिग्रहण का मामला न्यायालय में लंबित है तो सरकार उसका मुआवजा न्यायालय में जमा कराकर इस जमीन का कब्जा ले सकती है। श्री अजय कुमार ने कहा कि राष्ट्रपति द्वारा भूमि अधिग्रहण अध्यादेश पर तीन मंत्रियों से स्पष्टीकरण मांगे जाने से साफ है कि वह कुछ बातों को लेकर चिंतित रहे होंगे। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण कानून भाजपा के र्समथन से पारित हुआ था लेकिन एक साल के भीतर ही उसने सब कुछ उलट दिया है और यह निहित स्वाथा6 के चलते किया गया है।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें