सरकार राजधानी दिल्ली सहित अन्य महानगरों में रहने वाले पूर्वोत्तर के लोगों के खिलाफ नस्ली टिप्पणी को अपराध की श्रेणी में लाने के लिए भारतीय दंड संहिता .आईपीसी. की दो धाराों में संशोधन करने पर विचार कर रही है। केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आज यहां एक संवाददाता सम्मेलन में यह बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार यह कदम महानगरों में रहने वाले पूर्वोत्तर के लोगों की सुरक्षा चिंताों और अन्य समस्याों के समाधान के उपाय सुझाने के लिए गठित बेजबरूआ समिति की सिफारिशों के आधार पर उठा रही है।
गृह मंत्री ने कहा कि सरकार ने समिति की इस आशय की सिफारिश को सिद्धांत तौर पर स्वीकार कर लिया है और विधि मंत्रालय ने भी इसे अपनी मंजूरी दे दी है। समिति ने आई पीसी की धारा 153 में संशोधन कर इसमें 153.सी.तथा धारा 509 में 509 . ए. जोडने की सिफारिश की है। उन्होंने कहा कि यह सिफारिश सरकार के विचाराधीन है। इस संशोधन के बाद नस्ल. संस्कृति . पहचान या शारीरिक बनावट आदि से जुड़ी टिप्पणियों को अपराध माना जायेगा और इसके लिए दोषी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जायेगी। समिति की सिफारिशों में विशेष रूप से मोमोज. चिंकी. चाइनीज. चीची चू..चू जैसे शब्दों का उल्लेख किया गया है।

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