कांग्रेस ने सुजाता सिंह को विदेश सचिव के पद से अचानक हटाये जाने को लेकर तीखी प्रतिक्रिया जतायी है और सरकार से इसके कारणों का खुलासा करने की मांग की है। पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी ने आज कहा कि सुजाता सिंह को हटाये जाने से बड़ा सवाल पैदा होता है कि कहीं यह कदम देवयानी खोबरागडे के मुद्दे के कारण तो नहीं उठाया गया है।
तिवारी ने कहा कि सरकार को उत्तर देना चाहिए और उन कारणों को सार्वजनिक करना चाहिए जिनकी वजह से सिंह को पद से हटाया गया है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी के नेता एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री डा. सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा कि एस जयशंकर 31 जनवरी को सेवानिवृत्त हो रहे थे। इसलिए सरकार को अपने विवेकाधिकार का इस्तेमाल करना पड़ा।
कांग्रेस के सवालों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए डॉ० स्वामी ने पलटवार किया कि कांग्रेस को इस बारे में बात करने का कोई अधिकार नहीं है। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने अपने कार्यकाल तत्कालीन विदेश सचिव ए.पी. वेंकटेश्वरन को संवाददाता सम्मेलन में बर्खास्त किया था। सरकार ने सुजाता सिंह को बुधवार रात विदेश सचिव पद से छह माह पहले हटा कर अमेरिका में भारत के राजदूत सुब्रह्मण्यम जयशंकर को नया विदेश सचिव नियुक्त किया है। जयशंकर ने आज सुबह कार्यभार ग्रहण कर लिया। बताया जाता है कि सुजाता सिंह ने इस्तीफा दे दिया है।
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