चुनाव आयोग ने भारतीय जनता पार्टी की शिकायत पर आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद के जरीवाल को आर्दश चुनाव संहिता के उल्लंघन के आरोप में नोटिस जारी किया है। आयोग ने श्री केजरीवाल से 20 जनवरी की दोपहर तीन बजे तक इसका जवाब देने को कहा है। आयोग द्वारा आज यहां जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार भारतीय जनता पार्टी की दिल्ली प्रदेश इकाई के अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने आयोग से शिकायत की थी कि श्री केजरीवाल ने उनके खिलाफ और दिल्ली भाजपा के महासचिव आशीष सूद पर 14 जनवरी को प्रेस कांफ्रें स में बेबुनियादी झूठ और अपुष्ट आरोप लगाए थे।दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी ने भी अपनी ओर से इस संबंध में एक रिपोर्ट आयोग को भेजी थी। श्री सतीश उपाध्याय ने अपनी शिकायत में यह आरोप लगाया था कि श्री केजरीवाल ने उक्त प्रेस कांफ्रेंस में कहा था कि भाजपा दिल्ली में साम्प्रदायिक हिंसा भडकाने की कोशिश कर रही है। और त्रिलोकपुरी तथा नंदनगरी में साम्प्रदायिक हिंसा को फैला रही है तथा नांगलोई एवं बवाना में भी यही कर रही है। इतना ही नहीं दिल्ली के चचा6 पर हमले के लिए भी भाजपा जिम्मेदार है।
आयोग का कहना है कि आर्दश चुनाव आचार संहिता के अनुसार कोई भी पार्टी या उम्मीदवार किसी ऐसी गतिविधि में शामिल नहीं होगा जिससे आपसी नफरत या मतभेद बढ़ता हो और विभिन्न जातियों .सम्प्रदायों तथा धमा6 तथा भाषाों के लोगों के बीच तनाव पैदा होता हो। विज्ञप्ति में कहा गया है कि आर्दश चुनाव आचार संहिता के तहत किसी भी राजनीतिक दल की नीतियों तथा कार्यक्रमों और उसके कामों एवं इतिहास तक ही आलोचना सीमित होनी चाहिए। पार्टी और उम्मीदवारों को किसी के निजी जीवन की आलोचना नहीं करनी चाहिए और अपुष्ट आरोपों तथा तथ्यों को तोड़ने मरोड़ने से भी बचना चाहिए। इसलिए आयोग का मानना है कि केजरीवाल ने प्रथम साक्ष्य दृष्टि में अपनी प्रेस कांफ्रेंस में अपनी उपरोक्त बातें कहकर आर्दश चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन किया है। इसलिए वह 20 जनवरी को दोपहर तीन बजे तक अपना स्पष्टीकरण दें और यह बताएं कि क्यों न आर्दश चुनाव संहिता के उल्लंघन के मामले में उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। अगर केजरीवाल अपना जवाब नहीं देते हैं तो चुनाव आयोग उनके खिलाफ फैसला लेगा।

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