सोनिया के निजी जीवन को सामने लाती है : द रेड साडी. - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शनिवार, 17 जनवरी 2015

सोनिया के निजी जीवन को सामने लाती है : द रेड साडी.

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कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के जीवन पर आधारित विवादास्पद पुस्तक .द रेड साडी. के प्रसिद्ध स्पेनी लेखक हेवियर मोरो ने आज कहा कि उन्होंने यह पुस्तक श्रीमती गांधी के निकट सहयोगियों से प्राप्त जानकारी के आधार पर लिखी है और उन्हें समझ में नहीं आता कि कांग्रेस ने इसका विरोध क्यों किया। श्री मोरो ने यह बात आज शाम यहां अपनी पुस्तक के विमोचन के अवसर पर कही। इस किताब में उन्होंने श्रीमती गांधी के जीवन को नाटकीय रूप प्र्रदान करते हुए पेश किया है। यह एक ऐसी असाधारण महिला की कहानी है जिसके सपनों के घर को क्रूर काल ने लील लिया था। 

यह पुस्तक सोनिया गांधी के जीवन को बचपन से लेकर जवानी के दिनों तक. जब वह कालेज में भारतीय युवा राजीव गांधी से मिलीं और फिर उनकी सास और भारत की सबसे ताकतवर महिला इंदिरा गांधी के साथ बिताए गए दिनों का बयान करती है और राजनीतिक जीवन में उनके प्रवेश तथा प्रधानमंत्री की कुर्सी के सामने पहुंचने तक के उनके सफर को भी सामने लाती है। बंगलादेश युद्ध. आपातकाल और आपरेशन ब्लू स्टार की पृष्ठभूमि में नेहरू.गांधी खानदान के जीवन पर रचित यह पुस्तक भारत के उस कालखंड का दस्तावेज है. जब आधुनिक भारत की नींव रखी जा रही थी। पुस्तक के प्रकाशक रॉली बुक्स के अनुसार लेखक हेवियर मोरो अपनी गहन खोजबीन क्षमता से उस महिला की कहानी का बयान करते हैं जिसका सामना भारत के जटिल और खतरनाक राजनीतिक संसार से हुआ और उस परिवार में उनका जीवन बीता जिसके इर्दगिर्द प्रतिद्वंद्वी भी थे और प्रशंसक भी। 

लेखक मोरो पुस्तक के उपसंहार में कांग्रेस की हाल की राजनीतिक पराजय का जिक्र करते हुए लिखते हैं कि सोनिया गांधी एक ऐसे प्रधानमंत्री को ढो रही थी कि जिनके पास राजनीतिक अधिकारों का अभाव था और एक ऐसे बेटे के साथ उनको हमेशा चलना था जो एक राजनीतिक नेता के रूप में हमेशा असहज नजर आते हैं। ऐसी परिस्थिति में उनका सामना भाजपा के मंजे हुए नेता नरेंद्र मोदी से हुआ। लेखक ने कहा कि कांग्रेस को अपने आपको नए सिरे से खोजना है लेकिन सवाल है कि क्या यह काम राहुल गांधी कर सकते हैं। मोरो खुद ही इस सवाल का संदेहास्पद जवाब देते हुए कहते हैं कि शायद इसका जवाब हां भी है और नहीं भी। उन्होंने कहा अगर यह पार्टी सत्ता में वापस आती है तो यह इटली की एक साधारण गृहिणी. जसने श्रेष्ठ शिक्षा प्राप्त भी नहीं थी. की सूझबूझ से या गांधी परिवार की एक और नेता शायद .. इंदिरा गांधी की एकमात्र पौत्री प्रियंका की वजह से आएगी।

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