बिहार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्याम रजक ने आज कहा कि जन वितरण प्रणाली .पीडीएस.की दुकानों के आवंटन में पचास प्रतिशत आरक्षण लागू होने के बाद अब आम लोगों को भी पीडीएस की दुकानें आवंटित की जायेगी। श्री रजक ने यहां कहा कि आरक्षण लागू होने के पश्चात आगामी 26 जनवरी से राज्य के सभी अनुमंडल पदाधिकारियों के कार्यालयों से नई अनुज्ञप्ति का प्रपत्र मिलना शुरू होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन दुकानों के आवंटन में अनुकम्पा मामले को छोड़कर नई अनुज्ञप्ति निर्गत करने में स्वयं सहायता समूहों. सहकारी समितियां. महिला सहयोग समिति. पूर्व सैनिकों की समिति. पंचायत या वार्ड के निवासियों को प्राथमिकता दी जायेगी।
श्री रजक ने यहां कहा कि राज्य के सभी जन वितरण प्रणाली के रिक्त दुकानों को भरने के लिए जल्द ही अनुज्ञप्ति निर्गत करने का प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। वर्तमान में कुल 55216 पीडीएस दुकानों में से 42090 दुकानें कार्यरत है। कुल कार्यरत दुकानों में अनुसूचित जाति को 6866. जनजाति को 295. पिछड़ा वर्ग को 12443. अतिपिछड़ा वर्ग को 2819. अल्पसंख्यक वर्ग को 3053. महिला वर्ग को 3403. महिला स्वयं सहायता समूह को 217. अन्य स्वंय सहायता समूह को 124. सहयोग समिति पैक्सों को 4527. विकलांग वर्ग को 173 एवं सामान्य वर्ग को 8170 दुकानें आवंटित है।
मंत्री ने कहा कि पूरे राज्य में लगभग 13 हजार से अधिक पीडीएस दुकानें रिक्त हैं. जिसको निर्धारित आरक्षण के अनुरू प नई अनुज्ञप्ति नियमानुसार निर्गत करने की कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि पीडीएस के दुकानों के आवंटन में आरक्षण के तहत अनुसूचित जाति को 16 तथा अनुसूचित जनजाति को 01 प्रतिशत. अत्यंत पिछड़ा वर्ग को 18 प्रतिशत.पिछड़ा वर्ग को 12 प्रतिशत तथा महिला पिछड़ा वर्ग को 03 प्रतिशत दुकानें आरक्षित की गई है। दुकानों के आवंटन के मामले में जनसंख्या और आरक्षण मापदंड का अनुपात किया जाना आवश्यक होगा।

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