बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने आज कहा कि गरीबों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना मील का पत्थर साबित होगी. श्री मांझी ने मुख्यमंत्री सचिवालय के संवाद सभाकक्ष में राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना का शुभारंभ करते हुये कहा कि इस योजना का लाभ गरीब तबके के लोगों को विशेषकर सामाजिक दृष्टिकोण से जो पिछड़े हैं उन्हें मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस योजना का लाभ कैसे मिले यह लोगों को बतायी जानी चाहिए 1 साथ ही इस योजना का लाभ देने में लगे लोगों को ईमानदारी से काम करने की जरू रत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत स्मार्ट कार्ड बनाने में मनरेगा जॉब कार्ड एवं राशन कार्ड में हुयी कमियों को देखते हुये सुधार लायी जाये। बड़ीशबड़ी बीमा कम्पनियां भी इस योजना से जुड़ी है । बीमा कम्पनियां भी ईमानदारी से काम करें। सही मायने में इस योजना का लाभ गरीबों को मिले.इसे सुनिश्चित करायें। उन्होंने कहा कि जनसेवा की भावना से काम करें. सही लोगों को पहचान कर स्मार्ट कार्ड निर्गत करें। सरकार सभी प्रकार का सहयोग प्रदान करेगी।
श्री मांझी ने कहा कि हर क्षेत्र में मजदूरों का ही दोहन हो रहा है. उन्हें वाजिब हक नहीं मिल रहा है। इस योजना से बीड़ी मजदूर. ठेला वेंडर. फेरीवाले. सफाईर्कमी. रेलवे कुली. रद्दी चुनने बिनने वाले को भी जोड़ा जायेगा. उन्होंनें कहा कि इस योजना के तहत निर्धारित तीस हजार रू पये तक की स्वास्थ्य सुविधा में राशि को और अधिक बढ़ाये जाने की आवश्यकता है। इस अवसर पर श्रम संसाधन मंत्री श्री दुलालचंद गोस्वामी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत मनरेगा.सफाईर्कमी.भवन निर्माण में लगे मजदूर.फेरीवाले.ॉटो रिक्शा चालक.कारखानों के कामगार.रेलवे कुली.बीड़ी मजदूर आदि को जोड़े जाने का प्रस्ताव है। इसके लिये संबंधित विभागों से उनके आंकड़े एकत्रित किये जा रहे हैं। वर्तमान में एक लाख 76 हजार बीड़ी मजदूरों को इस योजना का लाभ दिया जा रहा है। श्री गोस्वामी ने कहा कि एक फरवरी से मई 2015 तक शिविर में स्मार्ट कार्ड बनाये जायेंगे। स्मार्ट कार्ड बनने के अगले माह से ही लाभुक को 1516 वििभन्न तरह की बीमारियों का निर्धारित पैकेज के अनुसार सूचिबद्ध अस्पतालों में तीस हजार रू पये तक की राशि का इलाज किया जायेगा। उन्होंने कहा कि राशि की सीमा बढ़ाने के लिये केन्द्र सरकार से अनुरोध किया गया है । 2015 के अंत तक तीस लाख निर्माण मजदूरों का निबंधन किया जायेगा. जिसके लिये अब शपथ पत्र की जरू रत नहीं होगी केवल स्वघोषणा पत्र ही काफी होगा।

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