वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज कहा कि आर्थिक विकास में गिरावट का दौर समाप्त हो चुका है और चालू वित्त वर्ष की दूसरी तथा तीसरी तिमाही में भारी महंगाई में कमी आयी है। उन्होंने कहा कि वैश्विक हालात भी भारत के अनुकूल हो गये है और सुधार की जारी प्रक्रिया के कारण अर्थव्यवस्था में तेजी से सुधार होग। उन्होंने कहा कि वृहद आर्थिक संतुलन हासिल करने के लिए घरेलू नीतियां बनायी गयी है। श्री जेटली ने सामाजिक इंफ्रास्ट्रक्चर मानव संसाधन और विकास समूह के प्रतिनिधियों के साथ यहां बजट पूर्व चर्चा में कहा कि सरकार ने समाज के उपेक्षित एवं कमजोर तबके के लिए जारी कार्यक्रमो के अतिरिक्त विशेष सामाजिक कार्यक्रम भी शुरू किये हैं। इन कार्यक्रमों में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) भी शामिल जो स्वच्छता और स्वास्थ्य मानको में सुधार के उद्देश्य से शुरू किया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जन धन योजना और रूपे डेबिट कार्ड से वित्तीय समावेशन को आधार मिलेगा और खाताधारको का वित्तीय सशक्तिकरण होगा। उन्होंने कहा कि देश की 63 प्रतिशत आबादी 15 से 59 वर्ष आयु वर्ग की है और वे देश के लिए अपार संभावनाों के द्वार है लेकिन यह सरकार के लिए बहुत बडी चुनौती भी है। श्री जेटली ने कहा कि लाभों का हस्तांतरण तभी हो सकता है जब हमारी आबादी स्वस्थ शिक्षित और दक्ष होगी। इसके लिए सरकार सामाजिक बुनियादी सुविधाों के विकास पर निवेश कर रही है। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने कौशल विकास पर विशेष ध्यान देने के साथ ही मेक इन इंडिया पर भी जोर दिया है ताकि रोजगार के अवसरों में सुधार हो और वृहद स्तर पर नौकरी के अवसर मिले। कौशल विकास पर जोर देते हुये इसके लिए अलग से मंत्रालय बनाया गया है।

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