आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने आज एक बार फिर स्वीकार किया कि दिल्ली की मुख्यमंत्री की कुर्सी छोडकर उन्होंने गलती की थी लेकिन अब वह सबक सीख चुके हैं। श्री केजरीवाल ने मुस्तफाबाद में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें सरकार छोडने से पहले जनता से पूछना चाहिए था। गलती हुई है. गुनाह नहीं। पर हमने भारत की राजनीति का पहला सबक सीख लिया है। कुछ भी हो जाए इस्तीफा मत दो। जनता नाराज हो जाती है। इस बार ऐसा नहीं होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दस जनवरी की रैली में दिए गए भाषण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा ..प्रधानमंत्री कहते हैं कि मैं नक्सली हूं। मैं आपसे पूछता हूं कि क्या यह सही है। वह कहते हैं कि मुझे जंगल में भेज देना चाहिए। क्या मुझे जंगल में भेजा जाना चाहिए। हमें एकदूसरे पर गाली गलौज नहीं करनी चाहिए। हमें मुद्दों की राजनीति करनी चाहिए। उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार को आडे हाथों लेते हुए कहा ..अगर मैं दो दिन में बिजली के बिल कम कर सकता हूं तो भाजपा सात महीने में ऐसा नहीं कर सकती है।.. दिल्ली में सात फरवरी को विधानसभा चुनाव हैं जबकि परिणाम दस फरवरी को घोषित होंगे।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें