लीला सैमसन ने दिया इस्तीफा - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

शुक्रवार, 16 जनवरी 2015

लीला सैमसन ने दिया इस्तीफा

डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम की फिल्म 'एमएसजी: मेसेंजर ऑफ गॉड' को एफसीएटी से हरी झंडी मिलने के बाद सेंसर बोर्ड की प्रमुख लीला सैमसन ने अपने पद से इस्तीफा देने का फैसला किया है।  उन्होंने बोर्ड के कामकाज में सरकारी दखल के भी संकेत दिए।



गुरमीत राम रहीम की मुख्य भूमिका वाली विवादास्पद फिल्म को फिल्म प्रमाणन अपीलीय न्यायाधिकरण (एफसीएटी) द्वारा कल रात रिलीज के लिए हरी झंडी दे दी गई है, जबकि सेंसर बोर्ड ने फिल्म रिलीज करने की इजाजत नहीं दी थी। अब अगले सप्ताह फिल्म रिलीज होने की संभावना है। राम रहीम ने रात 2 बजे सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर लिखा है, 'आपका इंतजार खत्म हुआ। आज दोपहर 1 बजे 'एमएसजी' का प्रीमियर गुड़गांव में किया जाएगा।'

सरकार की ओर लीला सैमसन पर दबाव की बात को खारिज करते हुए सूचना प्रसारण राज्यमंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने साफ किया कि सरकार की ओर से कोई दखल नहीं दी गई थी और न ही फिल्म को लेकर कोई दबाव डाला गया था। अगर चेयरपर्सन को दबाव डाला गया या फिर उनके काम में दखल दी गई, तो वह इसका सबूत दें। यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें मीडिया में आई उन खबरों की जानकारी है कि फिल्म रिलीज के लिए एफसीएटी द्वारा मंजूरी दी जा चुकी है, सैमसन ने कहा, 'मैंने ऐसा सुना है। अभी तक लिखित में कुछ नहीं है। फिर भी यह सेंसर बोर्ड का मजाक है। मेरा त्यागपत्र तय है। मैंने (सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के) सेक्रेटरी को सूचित कर दिया है।' बहरहाल, एफसीएटी के निर्णय को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

सेंसर बोर्ड ने 'मेसेंजर आफ गॉड' फिल्म के मुद्दे को एफसीएटी को भेज दिया था। यह पूछे जाने पर कि उन्होंने पद छोड़ने का निर्णय क्यों किया, लीला ने फिल्म को कथित मंजूरी मिलने का उल्लेख नहीं किया लेकिन कहा कि बताए गए कारणों में कथित हस्तक्षेप, दबाव, पैनल सदस्यों और संगठन अधिकारियों के भ्रष्टाचार शामिल हैं, जिनकी नियुक्ति मंत्रालय द्वारा की जाती है।

सैमसन के अनुसार, एक ऐसे संगठन का प्रबंधन करना पड़ा है जिसके बोर्ड की नौ माह से ज्यादा समय से बैठक नहीं हुई क्योंकि मंत्रालय के पास सदस्यों की बैठक को अनुमति देने के लिए फंड नहीं है। उन्होंने कहा कि सेंसर बोर्ड के सभी सदस्यों और अध्यक्ष का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। लेकिन चूंकि नई सरकार नया बोर्ड और अध्यक्ष नियुक्त नहीं किया है, कुछ का कार्यकाल बढ़ा दिया गया और उन्हें प्रक्रिया पूरी होने तक कार्य जारी रखने को कहा गया।

इस बीच सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के एक प्रवक्ता ने कहा, 'हमारी सूचना के अनुसार एफसीएटी ने फिल्म को मंजूरी दे दी है। लेकिन लिखित आदेश का इंतजार है।' प्रवक्ता ने कहा कि फिल्म मादक पदार्थ के खिलाफ है और उसमें कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है। गृह मंत्रालय इसे लेकर चिंतित है कि फिल्म के रिलीज होने से कुछ वर्गों की ओर से विरोध हो सकता है क्योंकि सिख संगठन फिल्म का विरोध कर रहे हैं। मंत्रालय ने इस संबंध में राज्यों को परामर्श जारी किया है।

राम रहीम की मुख्य भूमिका वाली यह फिल्म शुरू से विवादों से घिरी हुई है। फिल्म में उन्होंने खुद को भगवान बताया है और इसी पर सेंसर बोर्ड ने आपत्ति जाहिर की थी। आपको बता दें कि इस फिल्म को लेकर बीते दिनों पंजाब और हरियाणा के कई हिस्सों में जमकर विरोध हुआ था। इससे पहले अकाल तख्त समेत कई सिख संगठनों ने राम-रहीम की इस फिल्म पर धार्मिक भावनाएं भड़काने का आरोप लगाते हुए बैन लगाने की मांग की थी।

कोई टिप्पणी नहीं: