बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने योजना आयोग के स्थान पर नीति आयोग बनाने के केन्द्र सरकार के निर्णय पर आज कहा कि परम्परा को तोड़कर जो कार्य किया जा रहा है. वह उचित नहीं है। श्री मांझी ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वह कुछ दिन तक देखेगें तभी इस बारे में कुछ कहेंगे। उन्होंने कहा कि योजना आयोग को भंग करने का हमेशा से उनकी पार्टी ने विरोध किया लेकिन उनकी .भाजपा. बहुमत की सरकार है. जैसे चलाना चाहते है चलाये. हालांकि उन्होंने कहा अपनी मन से नई चीज दिखलाने की कोशिश करना उचित नहीं.
वहीं राष्ट्रीय जनता दल .राजद. अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने नीति आयोग के गठन पर मोदी सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा के लोग अब कुछ दिनों में भारत का झंडा भी बदल देंगे। तिरंगा के स्थान पर अब झंडे का रंग केसरिया होगा। वे हर चीज को मिटाकर अपना इतिहास लिखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि योजना आयोग का गठन देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने किया था जहां देश के विकास को लेकर पांच साल की योजनायें बनती थी। कई रहनुमा आये लेकिन किसी ने इसमें बदलाव करने का नहीं सोंचा।
इस बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता और केन्द्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने मोदी सरकार के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि श्री यादव को योजना आयोग के बारे में कितनी जानकारी है वह तो नहीं पता लेकिन नीति आयोग के बारे में उन्हें जानकारी हासिल करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि श्री यादव किसी मामले पर बयान नहीं देंगे तो उनकी नेतागिरी कैसे चलेगी।

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