विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा नीति आयोग : मोदी - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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गुरुवार, 1 जनवरी 2015

विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा नीति आयोग : मोदी

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि नीति आयोग का गठन कर देश भर के लिए एक जैसी विकास योजना बनाने की व्यवस्था को समाप्त किया गया है और यह देश के  विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए एक सक्रिय संस्था के रूप में उभरेगा। योजना आयोग की जगह नीति आयोग का गठन किये जाने के बाद प्रधानमंत्री ने आज टि्वटर पर कहा कि नयी संस्था के माध्यम से सभी क्षेत्रों के लिए विकास की एक ही योजना की व्यवस्था को अलविदा कह दिया गया है। यह एक सक्रिय एवं महत्वपूर्ण संस्थान के रूप में उभरेगा तथा आने वाले वषा6 में देश की विकास यात्रा में अहम भूमिका निभायेगा। यह विभिन्न नीतिगत मामलों पर महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध करायेगा। उन्होंने कहा कि नीति आयोग में सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और संघ शासित क्षेत्रों के सभी उप राज्यपालों को शामिल कर एक बडा परिवर्तन किया गया है और इससे सहयोगात्मक संघीय व्यवस्था की भावना बढेगी। इसका गठन मुख्यमंत्रियों समेत विभिन्न पक्षों के साथ व्यापक विचार विर्मश के बाद किया गया है। श्री मोदी ने कहा कि मुख्यमंत्री रहते हुए उन्हें इस बात का अहसास हुआ कि  राज्यों से सलाह मशविरा करना बहुत महत्वपूर्ण है और नीति आयोग यही काम करेगा।उन्होंने कहा नीति आयोग के माध्यम से हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हर व्यक्ति विकास का लाभ उठा सके और अच्छा जीवन जीने की आकांक्षा रख सके।

प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुये कहा था कि अब योजना आयोग के स्थान पर नयी संस्था बनाने की जरूरत है। इसके बाद नयी संस्था बनाने की कवायद शुरू हुयी और हाल ही में प्रधानमंत्री ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्रियों के साथ भी विचार विर्मश किया था। करीब 65 वर्ष पूर्व 15 मार्च 1950 को जिस प्रस्ताव के माध्यम से योजना आयोग की स्थापना की गई थी उसके स्थान पर सरकार नया प्रस्ताव लायी है. जिसमें कहा गया है.. महात्मा गांधी ने कहा था कि सतत विकास जीवन का नियम है और जो व्यक्ति हमेशा हठधर्मिता को बनाए रखने की कोशिश करता है. स्वयं को भटकाव की ओर ले जाता है। इस भावना को प्रर्दशित करते हुए और नये भारत के बदले माहौल में शासन और नीति के संस्थानों को नई चुनौतियों को अपनाने की जरू रत है और यह अनिवार्य रू प से भारतीय संविधान के मूलभूत सिद्धांतों  हमारी सभ्यता और वर्तमान सामाजिक सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्यों पर आधारित होना चाहिए। नीति आयोग के उद्देश्यों में राष्ट्रीय विकास का प्राथमिकता दी गयी है जिसमें राज्यों की भागीदारी पर विशेष जोर दिया गया है। नीति आयोग से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों को राष्ट्रीय एजेंडा तय करने में मदद मिलेगी। इसके अतिरिक्त ग्राम स्तर पर विश्वसनीय योजना तैयार करने की बात कही गयी है जिसे सरकार के उच्चतम स्तर तक ले जाने का संकल्प जताया गया है। 

 इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा को आर्थिक रणनीति और नीति में सम्माहित करने की बात कही गयी है। इसके साथ ही समाज के ऐसे तबके पर विशेष ध्यान देने की बात कही गयी है. जिन्हें आर्थिक विकास का उचित लाभ नहीं मिला है। इसके प्रस्ताव में कहा गया है कि  पहले हम केवल अपना अस्तित्व बनाए रखने की भावना से काम करते थे पर अब हमारी उम्मीदें आसमान छू रही हैं और हम गरीबी में कमी लाने का नहीं बल्कि गरीबी को खत्म करने का प्रयास कर रहे हैं। रणनीतिक और दीघ्रावधि के लिए नीति तथा कार्यक्र म का ढांचा तैयार करेगा और पहल करेगा। साथ ही उनकी प्रगति और क्षमता की निगरानी करेगा। निगरानी और प्रतिक्रि या के आधार पर मध्यावधि संशोधन सहित नये सुधार किए जाएंगे। विकास के एजेंडे के कार्यान्वयन में तेजी लाने के क्र म में अंतर क्षेत्रीय और अंतर विभागीय मुद्दों के समाधान के लिए एक मंच प्रदान करेगा।

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