नरकटियागंज रेलवे रनिंगरूम में संरक्षा संगोष्ठी का आयोजन
नरकटियागंज(अवधेश कुमार शर्मा) नरकटियागंज में रेलवे संरक्षा अधिनियमों की एक तरफ उड़ रहीं है धज्जियांँ, तो दूसरी ओर पूर्व मध्य रेल संरक्षा संगठन केे अधिकारी संरक्षा संगोष्ठी करते दिख रहे हैं। नरकटियागंज रेलवे स्टेशन पर यात्री संरक्षा के तौर पर टूटे हुए शेड, जर्जर फुट ओवरब्रीज और यात्री डिब्बों में ढेर सारी असुविधाएँ मौजूद है। डिविजनल संरक्षा अधिकारी समस्तीपुर ने नरकटियागंज के रनिंग रूम में आयोंजित संरक्षा संगोष्ठी के दौरान रेलकर्मियांे को संबोधित करते हुए कहा कि रेलकर्मी लाल सिग्नल देखे तो काम नहीं करें। रेलवे के चालक सबसे ज्यादा जिम्मेदारी का निर्वहन् करते है। उनकी थोड़ी सी लापरवाही हजारों की जिन्दगी खतरे में डाल सकती है। उनके अलावे डीएमजी, एसएमई और ट्राफिक इन्सपेक्टर व रेलकर्मी संगोष्ठी में शामिल हुए। अधिकारियों ने इनदिनो कुहासा को लेकर उत्पन्न समस्या से रेलवे के चालक व अन्य कर्मियों को आगाह किया और उससे बचने के तौर तरीके बताए।
प्रशासन के द्वारा लगाए गये पिलर को उखाड़, दिया चुनौती
नरकटियागंज(पच) प्रखण्ड के मल्दहिया पोखरिया पंचायत के चेंगवना गाँव के सरकारी जमीन करीब साढे सात एकड़ का मामला एकबार फिर से तुल पकड़ लिया है। मानों चेंगवना प्रकरण में स्थानीय, अनुमण्डल और जिला प्रशासन पूर्णतः विफल हो गया है। लगभग दो वर्ष पूर्व से प्रारम्भ हुआ रास्ता व कब्रिस्तान विवाद में थाना में घुसकर प्रदर्शन, थाना के सामने सड़क पर आगजनी, चेंगवना में गोलीबारी और उस प्रकरण में कई गिरफ्तारी के बाद 07 नवम्बर 14 को जिला समाहर्ता ने जनअदालत लगाकर मामले की सुनवाई करते हुए, उसका समाधान निकाला। किन्तु 10 नवम्बर 14 को प्रशासन द्वारा लगाया गया पिलर असमाजिक तत्वों ने उखाड़कर फेंक दिया, उसके बाद प्रशान पहुँचकर मामलें को फिर से स्थिर कर दिया। बावजूद इसके 16 जनवरी 2015 को कतिपय तत्वों ने एक बार फिर से सरकारी पिलर को उखाड़ फेंका और जिला प्रशासन को खुली चुनौती दे डाली है। मामले को लेकर घटनास्थल पर पहुँचे अंचलाधिकारी ने इस बावत बताया कि घटना से संबंधित प्रतिवेदन उच्चाधिकारियों को भेंजा जा रहा है। पुलिस अधिकारियों के हवाले से खबर मिली है कि अज्ञात लोगों के विरूद्ध प्राथमिकी भी दर्ज की जाएगी।
गरीबो के घर पर बुलडोजर चलाना अमानवीय: खेमस
नरकटियागंज(पच) तुनिया विशुनपुर में गरीबों के आशियाना उजाड़े जाने के मामला को लेकर भाकपा माले के अखिल भारतीय खेत मजदूर सभा बेतिया पश्चिम चम्पारण ने नीतीश-मांझी सरकार को आड़े हाथों लिया है। उल्लेखनीय है कि सरकार गरीबों को जमीन देने की बात करने वाली सरकार के प्रशासन ने गरीबों के घर पर बुलडोजर चलवाने की घटना को अंजाम दिया। भाकपा माले नेता व खेमस के प्रांतीय सचिव वीरेन्द्र गुप्ता और जिला नेता रामकेश्वर राम ने कहा कि गरीबों के बसेरा अभियान और बेदखल पर्चाधारियों दखल कब्जा कराये। किन्तु तुनिया विशुनपुर जैसे ऐतिहासिक गाँव के 19 पर्चाधारियों को अभी तक कब्जा नहीं मिल सका। नेताद्वय ने बताया कि कड़ाके की सर्दी में 40 गरीब परिवार के घरों पर प्रशासन का बुलडोजर चलाना अमानवीय हैं। बेघर परिवार वालों से भाकपा माले के नेताओ ने आन्दोलन का आह्वान किया है।
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