जम्मू.कश्मीर में सरकार बनाने को लेकर चल रही सरगर्मी के बीच धुर विरोधी भारतीय जनता पार्टी .भाजपा. और कांग्रेस को सरकार में शामिल किए जाने का एक सुझाव सामने आया है। राज्य में हाल में हुए विधानसभा चुनाव में सबसे बड़े दल के रूप में उभरी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी .पीडीपी. की नेता महबूबा मुफती सईद ने कल पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जम्मू.कश्मीर मुद्दे पर पहल और उनके एजेंडे को आगे बढ़ाने की बात कही। उनके इस बयान पर भाजपा ने सकारात्मक रुख दिखाया है।
सूत्रों ने बताया कि पीडीपी नेता मुफती मोहम्मद सईद ने भाजपा के वरिष्ठ नेता और वित्त मंत्री अरुण जेटली से कल टेलीफोन पर बात की थी। माना जा रहा है कि बातचीत के दौरान श्री सईद ने सुझाव दिया कि जम्मू.कश्मीर का मामला देश से अलग हैं और राज्य में पीडीपी..भाजपा के साथ कांग्रेस भी सरकार का हिस्सा बन सकती है। उन्होंने कहा कि राज्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन .राजग. और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन .संप्रग. के बीच कोई राजनीतिक लड़ाई नहीं है।
हालांकि कांग्रेस के जम्मू कश्मीर इकाई के अध्यक्ष प्रोफेसर सैफुद्दीन सोज ने कल साफ किया था कि भाजपा की विचारधारा उनकी पार्टी को कतई स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा था ..हमारे नेतृत्व ने पहले ही साफ कर दिया है कि कांग्रेस किसी भी कीमत पर भाजपा के साथ नहीं जा सकती। यह जम्मू.कश्मीर के हित में नहीं होगा। श्री सईद की इस चाल को जम्मू.कश्मीर में उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी नेशनल कांफ्रेंस को अलग..थलग करने कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक भाजपा और पीडीपी के बीच सरकार बनाने के लिए अगले दो दिनों में औपचारिक बातचीत शुरू हो सकती है।
चुनावों में पीडीपी को र्सवाधिक 28 सीटें मिली है जबकि सरकार बनाने के लिए 44 विधायकों की जरूरत है। भाजपा 25 सीटों के साथ दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है। भाजपा 31 विधायकों के र्समथन का दावा कर रही है। चुनावों में नेशनल कांप्रेंस को 15. कांग्रेस को 12 और अन्य को सात सीटें मिली हैं।

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