एक शादी, दो बच्चों का कानून सभी धर्मों पर लागू हो: शंकराचार्य - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

गुरुवार, 29 जनवरी 2015

एक शादी, दो बच्चों का कानून सभी धर्मों पर लागू हो: शंकराचार्य


शारदापीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद ने एक ऐसा बयान दे डाला है जिस पर विवाद हो सकता है. स्वरूपानंद का कहना है कि एक पत्नी और दो बच्चों वाला कानून देश के सभी धर्मों को मानने वालों पर लागू होना चाहिए.

 उन्होंने बुधवार को छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश) में धर्मसभा के बाद यह बात कही. ज्यादा बच्चे पैदा करने की वकालत करने वालों को लेकर शंकराचार्य ने कहा कि यह प्रतिस्पर्धा खत्म होनी चाहिए. उन्होंने कहा, 'देश की आबादी वर्तमान में एक अरब 25 करोड़ है. अगर ऐसे ही प्रतिस्पर्धा होती रही तो लोगों को कहां रखेंगे.'

साई मामले में उन्होंने कहा कि हम तो साई के नाम पर पाखंड चलाकर व्यापार करने वालों का विरोध करते हैं. गौरतलब है कि बीजेपी सांसद साक्षी महाराज ने विवादित बयान देते हुए कहा था, 'हम दो और हमारे दो हमने वो भी मान लिया, फिर भी इन बेईमानों को संतोष नहीं हुआ फिर एक नारा दिया हम दो और हमारा एक. लड़की से लड़की की शादी और लड़के से लड़के की शादी, पिछली सरकार ने बुद्धि खराब कर दी. इसलिए स्वामी जी के भाषण को जोड़ कर हम निवेदन करना चाहते हैं कि कम से कम चार बच्चे पैदा करो एक साधु महात्माओं को दे दो और एक सीमा पर भेज दो.' इसके अलावा अगर एक से ज्यादा शादी की बात करें तो मुस्लिम धर्म में इसे मान्य माना गया है.



 

कोई टिप्पणी नहीं: