योजना आयोग का नाम बदल नीति आयोग किए जाने को सतही बदलाव बताते हुए विपक्ष ने आज कहा कि यह सरकार की .दुर्नीति. का परिचायक है। कांग्रेस के प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि नाम बदलना सिर्फ सतही परिवर्तन है। उन्होंने कहा..योजना आयोग का नाम बदलकर नीति आयोग करने में कोई आपत्ति नहीं है लेकिन इसके साथ इस संस्था में कुछ जरूरी सुधार करने की जरूरत है। इसके बिना यह काम केवल सतही साबित होगा।. श्री सिंघवी ने कहा कि कांग्रेस योजना आयोग में किसी भी सकारात्मक सुधार का र्समथन करेगी। केवल नाम बदलने और बुनियादी ढांचे में कुछ बदलाव से कुछ नहीं होगा।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी .माकपा. के नेता सीताराम येचुरी ने सरकार के इस कदम को .अनीति. और .दुर्नीति. बताया। उन्होंने कहा कि नाम बदलने से कोई उद्देश्य हल नहीं होगा। देखना है कि सरकार आगे क्या करने जा रही है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी .भाकपा. के नेता गुरुदास दासगुप्त ने कहा कि योजना आयोग को खत्म करना और उसकी जगह नयी संस्था बनाने से सिर्फ अनियंत्रित अर्थव्यवस्था बनेगी। सरकार चाहती है कि अर्थव्यवस्था पूरी तरह बाजार पर आधारित हो और यह देश के लिए उचित नहीं है। कांग्रेस के नेता राशिद अल्वी ने कहा कि सरकार ने पिछले सात महीने में सिर्फ यही किया है। उसके पास करने के लिए कुछ और नहीं है।

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