कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट से विकास को लेकर बनी आशंका और यूनान में राजनीतिक अनिश्चितता से निवेशको की मुनाफावसूली से बीते सप्ताह घरेलू शेयर बाजार 1.5 प्रतिशत तक फिसल गये। बीएसई का सेंसेक्स 1.54 फीसदी अर्थात 429 अंक उतरकर 27458.38अंक और नेशनल स्टाक एक्सचेंज.. एनएसई.. का निफटी 110.95 अंक अर्थात 1.32 प्रतिशत गिरकर 8284.50 अंक पर रहा। इस दौरान बीएसई का मिडकैप 104.19 अंक पिंसलकर 10426.01 अंक पर और स्मालकैप 109.81 अंक लुढककर 11198.34 अंक पर रहा। पांच सत्रों में से तीन में गिरावट देखी गयी जिसमें मंगलवार को शेयर बाजार में भारी गिरावट र्दज की गयी और सेंसेक्स 27 हजार अंक और निफटी 82 अंक से नीचे उतर गया। हालांकि इसके बाद स्थिति थोडी संभली और बाजार को मजबूती मिली। इंफ ोसिस के उम्मीद से बेहतर तिमाही परिणाम से भी बाजार को बल मिला। बीएसई में धातु समूह सबसे अधिक नुकसान में रहा। इसके बाद पावर रियल्टी बैंकिंग और कैपिटल गुड्स समूह दो प्रतिशत तक टूटे। हांलाकि एफएमसीजी समूह में एक प्रतिशत से अधिक की और आईटी समूह में भी इसी तरह की बढोतरी र्दज की गयी।
सेंसेक्स में शामिल 30 में से 21 कंपनियों में गिरावट र्दज की गयी। इस दौरान एचडीएफसी 5.09 प्रतिशत टाटा पावर 4.26 प्रतिशत हीरो मोटोकार्प 3.38 प्रतिशत आईटीसी 3.14 प्रतिशत रिलायंस इंडस्ट्रीज 2.84 प्रतिशत टीसीएस 2.28 प्रतिशत आईसीआईसीआई बैंक 5.65 प्रतिशत स्टेट बैंक 3.79 प्रतिशत एक्सिस बैंक 3.66 प्रतिशत भेल 8 प्रतिशत एल एंड टी दो प्रतिशत उतर गये। बढ़त में रहने वालो में इंफोसिस 2.99 प्रतिशत टाटा मोटर्स 1.98 प्रतिशत मारूति सुजुकी 3.16 प्र्रतिशत हिन्दुस्तान यूनिलीवर 14.19 प्रतिशत एचडीएफसी बैंक 1.01 प्रतिशत सिप्ला 0.35 प्रतिशत और सन फार्मा 0.45 प्रतिशत शामिल है। तीसरी तिमाही के कंपनियों के परिणाम के साथ ही घरेलू और वैश्विक स्तर पर जारी होने वाले आर्थिक आंकडो विदेशी पोर्टफोलियो निवेशको के बल पर और रूपये के रूख से अगले सप्ताह बाजार की चाल तय होगी। इसके अतिरिक्त कच्चे तेल के रूख का असर भी दिखेगा। सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की सबसे बडी कंपनी टीसीएस मोटरसाइकिल बनाने वाली प्रमुख कंपनी बजाज आटो एक्सिस बैंक और यस बैंक के तिमाही परिणाम आने वाले हैं। इसके साथ ही सरकार सोमवार को औद्योगिक उत्पादन और दिसंबर में महंगाई के आंकडे जारी करेगी।

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