- इस बार पत्रकार नहीं बल्कि एक ईमानदार पुलिस आफिसर अमिताभ ठाकुर फंसाने की चली जा रही घिनौनी साजिश, वह भी बलात्कार जैसे आरोप की मनगढंत कहानी पर
यूपी में फर्जी मुकदमों एवं फर्जी मुकदमों की जांच के नाम पर ईमानदार आफिसरों, पत्रकारों व समाजसेवियों को प्रताडि़म कराने व करने का अंतःहीन सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। काफी दिनों से कुचक्र रच रहे यूपी के भ्रष्ट नेताओं, भ्रष्ट मंत्रियों, भ्रष्ट अफसरों ने इस बार मनगढंत कहानियों को आधार बनाकर सीनियर एवं ईमानदार पुलिस आफिसर अमिताभ ठाकुर को फंसाने की घिनौनी चाल चली है। वह भी एक तथाकथित महिला से बलात्कार जैसे आरोप। फिलहाल इस घिनौनी साजिश का पर्दाफाश होते ही स्वयंसेवी संगठनों में हडकंप मच गया है। विभिन्न संगठनों ने प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
गौरतलब है कि यूपी के गुंडाराज के भ्रष्टाचारियों के आंखों की किरकिरी बने जनपक्षधर आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को फंसाने की साजिशें काफी दिनों से चली जा रही थी। लेकिन गत दिनों इन साजिशकर्ताओं ने बलात्कार जैसे घिनौनी आरोप को अपना हथियार बनाया है। इसके पहले श्री ठाकुर के मकान में चोरी कराने से लेकर इनकी पोस्टिंग रोकने, ट्रांसफर करते रहने, छुट्टी के आवेदन पर विचार न करने से लेकर हर हथकंडे ये भ्रष्टाचारी अपना चुके है। कहा जा सकता है कि श्री ठाकुर के हर कदम पर मुश्किलें व चुनौतियां खड़ी करने वाला उत्तर प्रदेश का भ्रष्ट सत्ता-सिस्टम अब इन्हें रेप के आरोपों में फंसाकर डिमोरलाइज करना चाहता है, उनकी बढ़ती साख को नष्ट करना चाहता है। यह सब उन दिनों किया जा रहा है कि जिन दिनों अमिताभ ठाकुर और नूतन ठाकुर ने यूपी सरकार के एक भ्रष्ट मंत्री जो खनन का काम देखता है के अवैध खनन के कारनामों का लंबा चैड़ा कच्चा चिट्ठा मय प्रमाण लोकायुक्त को सौंप रखा है और पूरे प्रदेश में इसे लेकर हलचल मची हुई है।
माना जा रहा है कि इस मामले की जांच में फंसने वाले मंत्री को संरक्षण देने के दोष से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी नहीं बच पाएंगे। तो, इन एक्टिविस्ट पति-पत्नी को फंसाने के लिए भ्रष्ट मंत्रियों, नेताओं, अफसरों ने इस बार गंभीर आरोपों साजिश रची है। इस साजिश में एक महिला का इस्तेमाल किया गया है। गाजियाबाद की इस महिला ने राज्य महिला आयोग में आरोप लगाया है कि गाजियाबाद में श्री ठाकुर से किसी नेता ने मिलाया, श्री ठाकुर की पत्नी नूतन ने उसे नौकरी दिलाने के नाम पर लखनऊ बुलाया जहां उनके गोमतीनगर आवास पर नूतन ने उस महिला से मिलवाया और ठाकुर द्वारा देर रात उसे कमरे में बुला कर बेइज्जती और बलात्कार किया। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि हम दोनों ने उसे धमकी दी है कि अगर यह बात कहीं बतायी गयी तो उन्हें जेल भिजवा दिया जाएगा।
मतलब साफ है इस फर्जी आरोपों के जरिए ठाकुर दंपत्ति को घिनौनी चाल में फंसाने का ताना-बाना तैयार कर लिया गया है। हालांकि ठाकुर दंपत्ति डीजीपी से मिलकर इस पूर्णतः फर्जी बलात्कार के आरोपों की तत्काल उच्चस्तरीय जांच करने और इस साजिश का भंडाफोड़ करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने अपने सुरक्षा की भी मांग की। और निर्णय लिया है कि इस बीच वह अपने निजी आवास छोड़ कर सरकारी आवास में रहेंगे। क्योंकि अब निजी मकान में रहने में उन्हें खतरा है। मालूम हो कि इस भ्रष्ट व गुंडाराज सरकार के जनप्रतिनिधियों द्वारा कई पत्रकारों को सच लिखने पर पहले ही निशाने पर लिया जा चुका है। फिरहाल इस पूरे मामले से साफ हो चला है कि यूपी में हाई प्रोफाइल साजिशों की अंतःहीन सिलसिला सरकार के पतन तक जारी रहेगा। भविष्य में अमिताभ ठाकुर को घेरने की नई-नई साजिशें, कोशिशें और भी की जा सकती हैं।

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