बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने आज केन्द्र सरकार से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने और गरीबों में कल्याण से जुड़ी योजनाों में कटौती का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य सरकार वित्तीय कठिनाई के बावजूद गरीबों के घर तक विकास को पहुंचा कर रहेगी. श्री मांझी ने यहां स्थानीय अधिवेशन भवन में बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड के समारोह का उद्घाटन करते हुए कहा कि केन्द्र का सहयोग जो राज्य को मिलना चाहिये था. वह नहीं मिल पा रहा है। बिहार विशेष राज्य का र्दजा पाने के लिये सभी शर्तों को पूरा करता है. लेकिन अभी तक विशेष राज्य का र्दजा नहीं मिला है । उन्होंने कहा कि झारखंड बंटवारे के समय वायदे के अनुसार विशेष पैकेज मिलना चाहिये था. वह भी नहीं मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदिरा आवास के छह लाख कोटे को घटाकर दो लाख चालीस हजार कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार राज्य से खुले में शौच को समाप्त करना चाहती हैं और इसके लिये हर घर में व्यक्तिगत शौचालय का निर्माण कराना चाहती है लेकिन इसमें भी केन्द्र से अपेक्षित सहायता नहीं मिल रही है ।
श्री मांझी ने कहा कि बी.आर.जी.एफ. में भी कटौती कर दी गयी है। वितीय दृष्टि से बिहार के लिये यह संकट का समय है. बावजूद इसके उनकी सरकार गरीबों के द्वार तक विकास को पहुॅचाने के काम को पूरा करेगी 1 उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र और सरकारी क्षेत्र में किसी भी कार्य के लिए प्राक्कलित राशि में िभन्नता होती है। ऐसे में कार्य एजेंसियों से उनका अनुरोध होगा कि वे मितव्ययिता और वास्तविकता पर ध्यान दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि मितव्ययिता और गुणवता पर भी जरू र ध्यान दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि राज्य में पर्यटन. कला संस्कृति के क्षेत्र में काफी संभावनायें हैं 1 खेती और लघु उद्योग के जरिये भी बिहार को समृद्ध बनाया जा सकता है । उनकी सरकार राज्य में विकास की धारा को और तेज करेगी. समारोह को कृष्ि मंत्री नरेन्द्र सिंह. राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री नरेन्द्र नारायण यादव. खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्याम रजक. कलाशसंस्कृति मंत्री विनय बिहारी ने भी संबोधित किया.

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