आम आदमी पार्टी (आप) के संस्थापकों में से एक शांति भूषण के बाद उनके बेटे और मशहूर वकील प्रशांत भूषण ने भी अरविंद केजरीवाल की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। 'आप' की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य प्रशांत ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में पार्टी के कथित 12 दागी प्रत्याशियों की सूची आंतरिक लोकपाल रिटायर्ड एडमिरल रामदास सौंपी है और मांग की है कि अगर आरोप सही हैं, तो इन्हें पार्टी से निकाला जाए।
प्रशांत भूषण ने अंग्रेजी अखबार डीएनए से कहा, 'जिस तरह के उम्मीदवार चुने गए हैं, उसे लेकर काफी शिकायतें आ रही थीं। खासकर हाल में पार्टी में शामिल होने वाले लोगों को लेकर ज्यादा शिकायतें हैं। कुछ शिकायतों को पार्टी लोकपाल के पास भेजा गया था और उन्होंने दो उम्मीदवारों को हटाने की सिफारिश की है।'
लोकपाल ने महरौली के प्रत्याशी गोवर्धन सिंह और मुंडका से राजेद्र डबास को हटाने की पैरवी की थी। 'आप' ने अपनी जांच में पाया कि गोवर्धन सिंह पार्टी विरोधी गतिविधियों में सक्रिय थे और बीजेपी से उनकी नजदीकी थी। हाल में एक पोस्टर में उन्हें अमित शाह के स्वागतकर्ता के तौर पर दिखाया गया था। डबास 'आप' के एक कार्यकर्ता के भाई की आत्महत्या के मामले में उकसाने के आरोपी हैं।
शेष 10 उम्मीदवारों में से भी ज्यादातर दिल्ली के ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों से हैं। ये सभी हाल में 'आप' में शामिल हुए हैं और पार्टी ने भी क्षेत्र में इनकी मजबूत स्थिति को देखते हुए लपक लिया। कुछ पर आपराधिक धमकी देने, दंगा भड़काने और संपत्ति विवाद से जुड़े केस हैं। कुछ तो ऐसे हैं जिनके खिलाफ 'आप' के कार्यकर्ताओं ने ही 2013 विधानसभा चुनाव के दौरान केस दर्ज कराए थे और आज वे उनकी ही पार्टी से चुनाव लड़ रहे हैं।
'आप' की कोर कमिटी के सदस्य और प्रत्याशियों के चयन में अहम भूमिका निभाने वाले संजय सिंह ने माना कि प्रशांत भूषण ने 12 उम्मीदवारों की शिकायत की है। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार चुनने के समय पार्टी आपराधिक मुकदमों, भ्रष्टाचार के केस और चरित्र से जुड़ी शिकायतों पर गौर करती है।
अमानतुल्लाह खान के बारे में पार्टी का आधिकारिक स्टैंड हैं कि उन्होंने विवादित सांप्रदायिक पोस्टर लगवाए थे। खुद अरविंद केजरीवाल ने इस बारे में ट्वीट किया था। इसके बावजूद आज वह ओखला से पार्टी के प्रत्याशी हैं। पालम से पार्टी की प्रत्याशी भावना गौड़ पर आरोप है कि उन्होंने पार्टी के कैंपेन फंड में से छह लाख रुपये का गबन किया था, जो उन्हें बिजवासन के प्रत्याशी देवेंद्र सहरावत ने दिया था। इसके अलावा अपनी दोस्त प्रेम लता की जमीन हड़पने के आरोप में उनपर जिला अदालत ने हर्जाना भी लगाया था।
आरके पुरम से पार्टी की प्रत्याशी और वर्तमान में मुनिरका से बीएसपी की पार्षद परमिला टोकस पर एक दलित महिला के साथ मारपीट करने का आरोप है। इस मामले में बीएसपी नेता और उनके पति धीरज टोकस भी सह-आरोपी हैं। धीरज टोकस ने ही मुनिरका में खाप पंचायत बुलाई थी, जिसमें उत्तर-पूर्व के किरायेदारों को मुनिरका खाली करने का फरमान सुनाया गया था। धीरज 2013 में बीएसपी के टिकट पर चुनाव लड़े थे। पति-पत्नी के पास दिल्ली में 73 करोड़ रुपये के कई मकान और अपार्टमेंट्स हैं।
बीजेपी से पार्षद रहे और अब छतरपुर से 'आप' के उम्मीदवार करतार सिंह तंवर जूनियर इंजिनियर थे। आज वह करीब 1000 करोड़ की संपत्ति के मालिक बताए जाते हैं। उनके ऊपर बाहरी दिल्ली में बिल्डर माफिया से जुड़े होने के आरोप लगते रहे हैं। करतार के खिलाफ लोकायुक्त, सीवीसी और सीबीआई के पास शिकायतें लंबित हैं। तुगलकाबाद से 'आप' के उम्मीदवार सही राम पहलवान का ऐसा खौफ है कि विरोधी पार्टियों के उम्मीदवार उनके सामने प्रचार करने से भी डर रहे हैं।
बीएसपी से जुड़े रहे सही राम की दबंगई पूरे इलाके में मशहूर है। उन्होंने अपने हलफनामे में भी दो एफआईआर की बात कबूल की है। हालांकि, अंग्रेजी अखबार 'डीएनए' की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आपराधिक धमकी, दंगा, जानलेवा हथियारों से लैस होने, सरकारी कर्मचारी को काम में बाधा डालने समेत चार एफआईआर उनके खिलाफ हैं।
बादली से 'आप' के प्रत्याशी अजेश यादव ने 2008 का विधानसभा चुनाव बीएसपी के टिकट पर लड़ा था। 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने राहुल गांधी के लिए अमेठी में प्रचार किया था और दिल्ली में वह कांग्रेस उम्मीदवार कृष्णा तीरथ के पोलिंग एजेंट थे। उन्हें रीयल एस्टेट किंग के तौर पर जाना जाता है और वह कई बैंक्वेट हॉल, फार्म हाउस और सैकड़ों करोड़ की अचल संपत्तियों के मालिक हैं। रोहिणी और द्वारका में ही उनके पास 12 अपार्टमेंट्स हैं। उनके भाई के खिलाफ स्थानीय पुलिस स्टेशन में किडनैपिंग का केस दर्ज है।
'आप' के अन्य दागी उम्मीदवारों में नरेल से शरद चौहान, बवाना से वेद प्रकाश, मुस्तफाबाद से हाजी यूनुस और सीलमपुर से हाजी इशराक अहमद शामिल हैं। ये सभी हाल में आप में शामिल हुए हैं और इनके खिलाफ संपत्ति से जुड़े विवाद, जमीन हड़पने और चोरी के मुकदमे दर्ज हैं।

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