बिहार : रैन बसेरा में प्राथमिक उपचार बाॅक्स में केवल डिटाॅल और पट्टी ही उपलब्ध - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

शुक्रवार, 2 जनवरी 2015

बिहार : रैन बसेरा में प्राथमिक उपचार बाॅक्स में केवल डिटाॅल और पट्टी ही उपलब्ध

  • जब रात्रि पहर सोते समय ठंड लगती है तो बाहर जाकर आग तापकर उर्जा हासिल किया जाता 

patna-rain-basera
पटना। पटना नगर निगम के नूतन राजधानी अंचल के द्वारा रैन बसेरा में रहने वालों को चैन से रहने की व्यवस्था की है। आपको सूचना के अधिकार के तहत सूचना मांगने की आवश्यकता नहीं है। यहां पर खुद अंचल ने बोर्ड लगाकर पारदर्शिता की झलक दिखा दी है। 

आपदा प्रबंधन विभाग के द्वारा अलाव की व्यवस्था करने को 28 लाख रू. विमुख किया है। इस राशि के बल पर 38 जिले में अलाव की व्यवस्था की जा रही है। पटना नगर निगम के नूतन राजधानी अंचल के द्वारा हड़ताली मोड़ स्थित रैन बसेरा में  विशुद्ध रूप से किया गया है। रैन बसेरा में 20 लोग रह सकते हैं। रात्रि-विश्राम की व्यवस्था हेतु बिछावन हेतु पुआल, बिछावन हेतु दरी,कम्बल,पेयजल,अलाव,प्राथमिक उपचार बाॅक्स, बक्सा और बिजली-बत्ती की सुविधा उपलब्ध है। इतना रैन बसेरा में कर देने से मानव की न्यूनतम सुविधा उपलब्ध करा दी गयी है। 

रैन बसेरा में रहने वालों ने बताया कि यहां के प्राथमिक उपचार बाॅक्स में डिटाॅल और पट्टी ही उपलब्ध है। इसके अलावे दवा-दारू नहीं है। बीमार पड़ने पर खुद ही खर्च कर बीमारी से छुटकारा पाया जाता है। अभी चार दिनों से अलाव करने की व्यवस्था की गयी है। एक दिन में 40 किलोग्राम लकड़ी उपलब्ध करायी जाती है। अब आप समझ सकते है कि अप्रयाप्त लकड़ी है। इससे रातभर नहीं ताप सकते हैं। जब रात्रि समय सोते समय ठंड लगती है तो बाहर जाकर आग तापकर उर्जा हासिल किया जाता है। 



आलोक कुमार
बिहार 

कोई टिप्पणी नहीं: