आम आदमी पार्टी के संरक्षक और पूर्व केंद्रीय मंत्री शांति भूषण ने किरण बेदी की तारीफ करते हुए आज कहा कि अगर वह दिल्ली की मुख्यमंत्री बनती हैं तो ईमानदार सरकार चलाएंगी। श्री भूषण ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी .भाजपा. ने श्रीमती बेदी को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया तुरुप का पत्ता फेंका है। उन्होंने कहा ..भाजपा ने अन्ना के आंदोलन की ताकत को समझा है और उसे श्रीमती बेदी को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने के लिए मजबूर होना पडा है। यह भाजपा का मास्टर स्ट्रोक है। उनके इस बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए श्रीमती बेदी ने उन्हें धन्यवाद दिया लेकिन आप के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अगर उनकी कोई शिकायत है तो वह पार्टी के लोकपाल को भेज सकते हैं। उन्होंने कहा ..यह इस बात का सबूत है कि हमारे यहां आंतरिक लोकतंत्र है और कोई भी अपनी बात रख सकता है। श्री केजरीवाल ने कहा श्री भूषण ने पार्टी के लोकपाल को कुछ शिकायतें भेजी थीं जिन पर विचार किया गया था। अगर उनकी कुछ और शिकायतें हैं तो वह भेज सकते हैं।
भाजपा ने श्री भूषण के इस बयान का स्वागत किया है लेकिन आप ने इसे उनकी व्यक्तिगत राय बताया। आप के मुख्य प्रवक्ता योगेंद्र यादव ने श्री भूषण के बयान पर हैरानी जताते हुए कहा ..मुझे समझ में नहीं आ रहा है कि वह श्रीमती बेदी की उस पार्टी से जुडने को सही कैसे ठहरा सकते हैैं जिसे वह आज तक साम्प्रदायिक मानते अए हैं। पार्टी नेता आशुतोष और कुमार विश्वास ने भी श्री भूषण के बयान से किनारा करते हुए श्रीमती बेदी को अवसरवादी बताया है। श्री आशुतोष ने कहा आप लोकतांत्रिक पार्टी है और यहां किसी को भी अपने विचार व्यक्त करने का अधिकार है। लेकिन हम उनके विचारों से सहमत नहीं हैं क्योंकि श्रीमती बेदी ने राजनीतिक अवसरवादिता का परिचय दिया है। वहीं भाजपा के दिल्ली प्रभारी प्रभात झा ने श्री भूषण के बयान का स्वागत करते हुए कहा कि पार्टी ने श्रीमती बेदी को इसलिए मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया क्योंकि जन..जन के मन में उनका नाम था। पार्टी के एक अन्य नेता अनिल बलूनी ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों के लोग श्रीमती बेदी के र्समथन में उतरे हैं। पार्टी के लिए इससे बडी बात और क्या हो सकती है।
आप के मुख्य प्रवक्ता योगेंद्र यादव ने श्री भूषण के बयान पर हैरानी जताते हुए कहा ..मुझे समझ में नहीं आ रहा है कि वह श्रीमती बेदी की उस पार्टी से जुडने को सही कैसे ठहरा सकते हैैं जिसे वह आज तक साम्प्रदायिक मानते आए हैं। श्री भूषण के पुत्र और आप से जुडे श्री प्रशांत भूषण ने कहा..वह वरिष्ठ नेता हैं और अपने विचार व्यक्त करने के लिए स्वतंत्र हैं। लेकिन हम उनके आकलन से सहमत नहीं हैं।.. उन्होंने कहा ..जब हमने आप का गठन किया था तो किरणजी ने साफ कहा था कि हमें चुनावी राजनीति में शामिल नहीं होना चाहिए। अब वह ऐसी पार्टी से जुड गयी हैं जो न केवल साम्प्रदायिक है बल्कि रूढिवादी भी है। पार्टी नेता आशुतोष और कुमार विश्वास ने भी श्री भूषण के बयान से किनारा करते हुए श्रीमती बेदी को अवसरवादी बताया है। श्री आशुतोष ने कहा ..आप लोकतांत्रिक पार्टी है और यहां किसी को भी अपने विचार व्यक्त करने का अधिकार है। लेकिन हम उनके विचारों से सहमत नहीं हैं क्योंकि श्रीमती बेदी ने राजनीतिक अवसरवादिता का परिचय दिया है।

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