श्रीलंका से वापस आएंगे 77 भारतीय श्रमिक - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 5 जनवरी 2015

श्रीलंका से वापस आएंगे 77 भारतीय श्रमिक

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सरकार ने श्रीलंका में 77 भारतीय श्रमिकों के मामले में हस्तक्षेप करते हुए उनकी नियोक्ता एक भारतीय कंपनी के विरूद्ध कठोर कार्रवाई करने का निर्णय लिया है तथा भारतीय उच्चायोग के माध्यम से इन श्रमिकों को दो से तीन दिन के अंदर स्वदेश लाने के प्रयास शुरू कर दिये गये हैं। विदेश एवं प्रवासी भारतीय मामलों की मंत्री सुषमा स्वराज ने श्रीलंका में भारतीय उच्चायुक्त यश सिन्हा से कल रात कोलंबों में फोन पर बात की और वहां फंसे 77 श्रमिकों को स्वदेश भेजने के तुरंत इंतजाम के  निर्देश दिये हैं। श्रीमती स्वराज ने इन श्रमिकों को श्रीलंका भेजने वाली भारतीय कंपनी के विरूद्ध शिकायतों को गंभीरता से लिया है। सरकार के स्तर पर भी उस कंपनी के विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जा रही है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि कंपनी और श्रमिकों के बीच काम को लेकर कोई विवाद था। उन्होने यह भी बताया कि भारतीय उच्चायोग इस मामले को सुलझाने का प्रयास कर रहा है। एक काउंसलर टीम को कंपनी अधिकारियों से बातचीत के लिये भेजा गया है। उन्होंने बताया कि कुछ श्रमिकों के पासपोर्ट श्रीलंका सरकार के आव्रजन अधिकारियों के पास हैं। 

उन्होंने बताया कि भारतीय उच्चायोग इस संबंध में आव्रजन अधिकारियों के साथ संपर्क में हैं और इन श्रमिकों की 48 से 72 घंटे के भीतर स्वदेश वापसी सुनिश्चित की जाएगी। इसबीच श्रमिकों को कुछ भत्ता भी दिया गया है। एक निजी इस्पात कंपनी में काम करने वाले 77 श्रमिकों को काम संबंधी विवाद के बाद कंपनी द्वारा बंधक बनाये जाने की रिपोर्ट थी लेकिन श्री अकबरुद्दीन ने स्पष्ट किया कि ये श्रमिक बंधक नहीं बनाये गये है सिर्फ श्रम संबंधी कुछ मुद्दे थे जिनका हल निकाला जा रहा है ।

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