केन्द्रीय रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने दीघा श सोनपुर रेल पुल पर परिचालन शुरू नहीं होने के लिए राज्य सरकार को जिम्मेवार ठहराते हुए कहा कि गंगा नदी पर रेल पुल का निर्माण 31 दिसम्बर को ही पूरा हो गया है और राज्य सरकार जब चाहेगी तब ट्रेनों का परिचालन भी शुरू हो जायेगा. श्री सिन्हा ने आज यहां श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में भारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिक संघ के सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि गंगा नदी पर बने दीघाशसोनपुर रेल पुल का निर्माण कार्य 31 दिसम्बर को ही पूरा करा दिया गया है।संपर्क पथ बनाना बिहार सरकार की जिम्मेवारी है । उन्होंने कहा कि इस पुल पर परिचालन में देरी के लिए राज्य सरकार ही जिम्मेवार है। वह जब चाहेगी तब इस रेल पुल पर ट्रेनों का परिचालन शुरू हो जायेगा. रेल राज्य मंत्री ने कहा कि इसी तरह मुंगेर में भी रेल महासेतु बनकर तैयार है लेकिन वहां भी संपर्क पथ का निर्माण अधूरा है।उन्होंने कहा कि कोशी नदी पर रेल महासेतु का निर्माण हो चुका और दो वर्ष में हाजीपुर से लखनऊ के बीच सीधी ट्रेन चलने लगेगी.
श्री सिन्हा ने कहा कि देश में पिछले 10 वर्षो में राजनीतिक आधार पर 99 बड़ी रेल परियोजनाों को स्वीकृति दी गयी। मोदी सरकार इन पुरानी योजनाों को पूरा कराने के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि बिहार में जितनी रेल परियोजनाऐं है उसे पूरा करने में काफी वक्त लगेगा लेकिन मोदी सरकार प्राथमिकता के आधार पर महत्वपूर्ण रेल परियोजनाों के लिए इस बार के बजट में पहले से ज्यादा धन उपलब्ध करायेगी. रेल राज्य मंत्री ने कहा कि केन्द्र में जब तक भाजपा की सरकार है तब तक रेलवे का निजीकरण नहीं होगा. रेलवे में आधारभूत संरचना के विकास के लिए पूंजी निवेश की छूट दी गयी है । उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से रेलवे के आधारभूत संरचना में सवा दो गुणा .यात्री में 10 गुणा तथा माल ढुलाई में सात गुणा वृद्धि हुई है । श्री सिन्हा ने कहा कि भारतीय रेल की 65 प्रतिशत आय माल भाड़े से होती है और इसमें माल गोदाम श्रमिकों का योगदान सराहनीय है । उन्होंने कहा कि माल गोदाम श्रमिकों की मांग जायज है और उनकी मांगों की पूर्ति के लिए त्रिपक्षीय वार्ता होगी.

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