विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने गुजरात की राजधानी गांधीनगर में बुधवार को दीप प्रज्जवलित करके 'यूथ प्रवासी भारतीय दिवस' (पीबीडी) का बुधवार को उद्घाटन किया. भारतवंशी नागरिकों के विश्व के सबसे बड़े सम्मेलन 13वें पीबीडी में 4,000 से अधिक प्रतिनिधिमंडल शिरकत कर रहे हैं. इस सम्मेलन का लक्ष्य प्रवासी भारतीयों के बीच संपर्क को बढ़ाने के साथ-साथ व्यावसायिक संपर्क को मजबूत करना है.
सात से नौ जनवरी के बीच गांधीनगर के महात्मा मंदिर परिसर में तीन दिवसीय प्रवासी सम्मेलन का आयोजन किया गया है. यह महात्मा गांधी के दक्षिण अफ्रीका से वापसी के 100 साल पूरे होने पर 'सर्वश्रेष्ठ प्रवासी भारतीय' रूप में मनाया जा रहा है.
प्रवासी भारतीय मामलों की मंत्री सुषमा स्वराज ने बुधवार को यहां मौजूद प्रवासी युवाओं से कहा कि वे यहां आएं, जुड़ें और देश में हो रहे महत्वपूर्ण बदलाव का हिस्सा बनने के लिए योगदान करें. युवा प्रवासी भारतीय दिवस (पीबीडी) 2015 के उद्घाटन के मौके पर सुषमा ने प्रवासी युवाओं से देश के विकास में योगदान करने की अपील की.
उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने कारोबारी माहौल को सरल बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिनमें नियमों की तर्कसंगत व्याख्या और बेकार कानूनों को चिन्हित करना भी शामिल है.
विदेश मंत्रालय की भी जिम्मेदारी संभाल रहीं सुषमा ने कहा कि मोदी सरकार का मुख्य ध्यान आधारभूत संरचना पर है और सरकार पारदर्शी नीति पर भी ध्यान दे रही है.
सात से नौ जनवरी के बीच गांधीनगर के महात्मा मंदिर परिसर में तीन दिवसीय प्रवासी सम्मेलन का आयोजन किया गया है. यह महात्मा गांधी के दक्षिण अफ्रीका से वापसी के 100 साल पूरे होने पर 'सर्वश्रेष्ठ प्रवासी भारतीय' रूप में मनाया जा रहा है.
प्रवासी भारतीय मामलों की मंत्री सुषमा स्वराज ने बुधवार को यहां मौजूद प्रवासी युवाओं से कहा कि वे यहां आएं, जुड़ें और देश में हो रहे महत्वपूर्ण बदलाव का हिस्सा बनने के लिए योगदान करें. युवा प्रवासी भारतीय दिवस (पीबीडी) 2015 के उद्घाटन के मौके पर सुषमा ने प्रवासी युवाओं से देश के विकास में योगदान करने की अपील की.
उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने कारोबारी माहौल को सरल बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिनमें नियमों की तर्कसंगत व्याख्या और बेकार कानूनों को चिन्हित करना भी शामिल है.
विदेश मंत्रालय की भी जिम्मेदारी संभाल रहीं सुषमा ने कहा कि मोदी सरकार का मुख्य ध्यान आधारभूत संरचना पर है और सरकार पारदर्शी नीति पर भी ध्यान दे रही है.

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