चौकस तटरक्षकों ने नये साल की रात 26..11 जैसे एक बड़े आतंकवादी हमले के प्रयास को उस समय नाकाम कर दिया जब पाकिस्तान की ओर से आ रही विस्फोटकों से लदी एक नौका को घेर लिया गया। इसके बाद उसमें सवार कम से कम चार लोगों ने नौका को विस्फोट से उड़ा दिया। रक्षा मंत्रालय के एक प्रेस बयान के अनुसार यह नौका गुजरात में पोरबंदर से करीब 365 किलोमीटर दूर 31 दिसम्बर की रात संदिग्ध रूप से भारत की ओर बढ़ती देखी गयी जिसका भारतीय तटरक्षक बल के जहाजों और विमान ने करीब डेढ़ घंटे तक पीछा किया और आखिरकार उसे घेर लिया। इस नौका पर चार लोग देखे गये. जिन्होंने भारतीय तटरक्षकों की चेतावनी की फायरिंग को नजरअंदाज कर दिया। बाद में ये लोग नौका के निचले वाले कंपार्टमेन्ट में घुस गये और वहां उन्होंने नौका को आग लगा दी। इसके बाद हुए विस्फोटों से यह नौका जलकर खाक हो गई और डूब गई।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार अंधेरे . खराब मौसम और तेज हवाों के कारण इस नौका और उसमें सवार लोगों को न तो बचाया जा सका और न ही अभी इसका पता चल सका है। तट रक्षक बल के जहाज और विमान क्षेत्र में लगातार खोजी अभियान चला रहे हैं जिससे इस नौका तथा इसमें सवार लोगों का कुछ पता चल सके। तटरक्षक बल को 31 दिसम्बर को खुफिया जानकारी मिली थी कि कराची के निकट केतिब बंदरगाह से एक नौका अरब सागर में असामान्य गतिविधि के लिए तैयार की जा रही थी। इस जानकारी के आधार पर तट रक्षक बल के डोरनियर विमान ने इसका पता लगाने के लिए उड़ान भरी और इसकी लोकेशन पकड़ ली। उस क्षेत्र में तैनात तटरक्षक बल के जहाज को इसकी जानकारी दी गई और जहाज ने भारतीय समुद्री सीमा में आ रही इस नौका को घेर लिया। नौका में सवार लोगों ने जहाज की ओर से दी गई चेतावनी को नहीं माना और नौका में आग लगा दी जिससे वह विस्फोट से जल गई। सूत्रों के अनुसार नौका में बड़ी मात्रा में विस्फोटक लदा था।

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