स्वदेश निर्मित हल्के लडाकू विमान. तेजस . को आज वायु सेना को साैंपा गया।निर्माण सामग्री में कार्बन फाइबर की अधिकता के कारण हल्के वजन के इस विमान की एक और बडी खासियत इसका डिजिटल फलाइ बाई वायर सिस्टम. फलाइट कंट्रोल सिस्टम और ओपन आक्टिेक्चर कंप्यूटर है। एचएएल द्वारा निर्मित यह विमान 4.5 पीढी का विमान है। नौसेना के लिए हल्के लडाकू विमान बनाने का काम अभी जारी है।नौसेना के लिए बनाये जा रहे पहले लडाकू विमान ने गत महीने गोवा से पहली परीक्षण उडान भरी थी।
रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर ने .तेजस. को वायु सेना को साैंपने के मौके पर आज कहा कि समयानुसार चलने के लिए शोध क्षेत्र में लीक से हटकर सोचने की जरूरत है। एचएएल के अध्यक्ष आर के त्यागी की मौजूदगी में केंद्रीय मंत्री ने .तेजस. के दस्तावेज यहां वायु सेना प्रमुख अरूप राहा को साैंपे। श्री पार्रिकर ने एचएएल और उसके र्कमचारियों केा बधाई देते हुए कहा कि एचएएल जैसी कंपनियों को अपने मौजूदा ज्ञान का पूरी तरह दोहन करके शोध और प्रोैद्योगिकी को विशेष बढावा देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कोई भी एक रात में सब कुछ हासिल नहीं कर सकता है लेकिन कामकाज के तौर तरीकेको बदलकर करके और बेहतर तकनीक अपनाकर बेहतर परिणाम पाये जा सक ते हैं।

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