उत्तराखंड की विस्तृत खबर 02 जनवरी) - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शुक्रवार, 2 जनवरी 2015

उत्तराखंड की विस्तृत खबर 02 जनवरी)

जनवरी के दूसरे सप्ताह में होगा प्रभावित गांवों का जायजा

देहरादून,2 जनवरी (निस)। झील के दिए जख्मों को ग्रामीण पिछले काफी वर्षाे से सहते आ रहे हैं, लेकिन उनकी परेशानी दूर नहीं हो रही। झील प्रभावित गांवों की दुर्दशा देख रिपोर्ट बनाने के लिए प्रदेश सरकार की गठित विशेषज्ञ समिति अब जनवरी 10 व 11 को टिहरी आकर प्रभावित गांव का जायजा लेंगे। टीम झील से हो रहे भूस्खलन की रिपोर्ट पहले राज्य सरकार को सौंपेगी सरकार फिर सुप्रीम कोर्ट को रिपोर्ट भेजेगी। टिहरी बांध झील के चलते झील के किनारे बसे लगभग 45 गांव में भूस्खलन के चलते लोगों को भारी परेशानी हो रही है। लोगों के खेत डूब गए और मकानों में दरारें पड़ गई हैं। हर साल भूस्खलन बढ़ता जा रहा है लेकिन अभी तक गांवों के विस्थापन की प्रक्रिया शुरु नहीं हो पाई है। अब फिर से झील प्रभावित गांवों का दौरा कर रिपोर्ट बनाने के लिए संयुक्त विशेषज्ञ समिति का दौरा नए साल में होना है। समिति दौरे की रिपोर्ट तैयार कर राज्य सरकार को देगी, इसके बाद राज्य सरकार रिपोर्ट को न्यायालय में प्रस्तुत करेगी। समिति के दौरे के लिए 10- 11 जनवरी का दिन तय किया गया है। इसके लिए पुनर्वास विभाग इन दिनों गांवों में लोगों को समिति के आने की सूचना दे रहा है। साथ ही निर्देश भी दे रहा है कि क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत न करें। क्योंकि समिति उन्हीें को देख कर रिपोर्ट तैयार करेगी। समिति में आइआइटी रुड़की, टीएचडीसी, वन विभाग, पुनर्वास, सर्वे ऑफ इंडिया, खनन विभाग, अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र देहरादून सहित संबंधित क्षेत्र के विधायक शामिल किए गए हैं।

ध्वस्त पुलों के निर्माण में कंपनियां कर रही मनमानी

देहरादून,2 जनवरी(निस)। बाढ़ से ध्वस्त पुलों के निर्माण में कंपनियां मनमानी कर रही हैं। हाल यह है कि झूला पुल निर्माण का जिम्मा संभालने वाली प्रमुख कंपनी एनबीसीसी एक साल में पुल का एबेटमेंट (आधार स्तंभ) तक तैयार नहीं कर सकी है। जबकि पुल को पूरा करने को उसे 15 मार्च तक का समय दिया गया है। वर्ष 2012 की बाढ़ में मुख्य बाजार और जोशियाड़ा को जोड़ने वाला झूला पुल बह गया था। जिला मुख्यालय के दो हिस्सों को जोड़ने वाले इस पुल के दोबारा निर्माण की लगातार मांग होती रही। राज्य सरकार ने आपदा में ध्वस्त हुए जनपद के अन्य पुलों के साथ ही इस पुल के निर्माण का काम एनबीसीसी को सौंपा। वर्ष 2012 में कंपनी ने पुलों की डीपीआर शासन को सौंपी। डीपीआर स्वीकृत नहीं हुई लेकिन अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के बाद कंपनी को वर्ष 2013 में बजट जारी कर दिया गया। कंपनी को पुल निर्माण के लिए मार्च 2015 तक का समय भी दिया गया। कंपनी की ओर से लेटलतीफी के चलते यह काम शुरू होने से पहले ही जून माह में बाढ़ आ गई। इससे सितंबर माह में काम शुरू हो सका। डीपीआर की आड़ में कंपनी ने इस महत्वपूर्ण झूला पुल के निर्माण में लगातार कोताही बरती। जिला प्रशासन की फटकार पड़ने के बाद कंपनी ने बीते साल मई में जोशियाड़ा की ओर एबेटमेंट तैयार करने का काम शुरू किया। लेकिन यह काम भी अभी साठ फीसदी से ज्यादा नहीं हो सका है। कंपनी की कार्यशैली ऐसी है कि इस अहम कार्य के लिए आठ से दस मजदूर ही लगाए गए हैं। वहीं मुख्य बाजार के छोर के ऐबेटमेंट को लेकर अभी कुछ तय नहीं किया गया है।

पुलिस हिरासत से लापता मान सिंह का साढ़े सात, साल बाद भी पता नहीं चल पाया
  • -राज्य पुलिस प्राधिकरण मंे अब इस मामले में 16 जनवरी को होगी सुनवाई

देहरादून, 2 जनवरी(निस)। जिला पिथौरागढ़ अंतर्गत एस्कोट थाना पुलिस हिरासत से वर्ष जुलाई 2007 में लापता राजी जनजाति के युवक मान सिंह का सात साल पांच माह से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी आज तक कोई पता नहीं चल पाया है। पिथौरागढ़ क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता जसवंत सिंह जंगपांगी द्वारा थाना पुलिस की शिकायत राज्य पुलिस प्राधिकरण में दर्ज कराए जाने के बाद भी अभी तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। राज्य पुलिस प्राधिकरण में अब इस मामले की सुनवाई के लिए 16 जनवरी की तिथि नियत की गई है। सामाजिक कार्यकर्ता जसवंत सिंह जंगपांगी के अनुसार 10 जुलाई 2007 को एस्कोट थाना पुलिस ने पिथौरागढ़ निवासी आदिवासी युवक मान सिंह को शराब के नशे में हंगामा करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। उनके अनुसार पुलिस ने न मान सिंह को अदालत में पेश किया और न ही मान सिंह अपने घर वापस लौटा। मान सिंह के लापता होने के बारे में वास्तुस्थिति की जानकारी के लिए जंगपांगी ने राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण में थाना पुलिस के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। जंगपांगी के अनुसार पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी वाले दिन मान सिंह को उसके दो भाई जमानत पर रिहा कर ले गए थे। जंगपांगी के अनुसार यदि उसी दिन मान सिंह की जनानत हो गई थी तो दो दिन बाद पुलिस के खिलाफ थाने में मान सिंह के उत्पीड़न का मुकदमा क्यों दर्ज किया गया। जमानत के बाद वह घर न आकर कहां चला गया। जंगपांगी का आरोप है कि मान सिंह की जमानत नहीं हुई, बल्कि वह पुलिस हिरासत से ही लापता हुआ है। मान सिंह के लापता होने के बाद उसकी पत्नी का खाता खुलवाकर उस खाते में एक लाख की रकम डाली गई। इस रकम के बारे में कोई जांच नहीं कराई गई। उनका कहना है मान सिंह का जल्द पता लगाया जाए। राज्य पुलिस प्राधिकरण में इस मामले की सुनवाई के लिए डेट पर डेट लगती जा रही हैं, मामले की सुनवाई के लिए अब 16 जनवरी की तिथि नियत की गई है।   

कोहरे के चलते गढ़वाल एक्सप्रेस को बंद करने को खण्डूड़ी ने ठहराया अनुचित
  • रेल मंत्री को पत्र लिखकर पुनः शुरू करने को कहा

देहरादून,2 जनवरी(निस)। उत्तराखण्ड के पौड़ी गढ़वाल से सांसद एवं पार्लियामेन्ट्री समिति डीफेन्स के चैयरमैन मेजर जनरल भुवन चन्द्र खण्डूड़ी एवीएसएम (से.नि.) द्वारा श्री सुरेश प्रभु, माननीय रेल मंत्री, भारत सरकार को पत्र लिखकर कोटद्वार से दिल्ली के बीच चल रही गढ़वाल एक्सप्रेस को कोहरे की वजह से पूरे 3 महीने के लिये बंद किये जाने को अनुचित बताया तथा इसे पुनः शुरू कर सिर्फ कोहरे की संभावना को दिन-प्रतिदिन  देखते हुए ही बंद किये जाने का अनुरोध किया गया। गढ़वाल संासद ने अपने पत्र में मा0 रेल मंत्री को अवगत कराया कि उनके संसदीय क्षेत्र गढ़वाल में कोटद्वार से दिल्ली के बीच गढ़वाल एक्सप्रेस को एन0डी0ए0 सरकार के समय पर उनके आग्रह पर शुरू किया गया था। उस समय कोटद्वार से दिल्ली के बीच बड़ी मात्रा में सड़क मार्ग से बसों व टैक्सीयों से चला करते थे, जिससे जनता को काफी असुविधा होती थी। इसी असुविधा को उनके द्वारा ध्यान में रखते हुए आग्रह करने पर इस ट्रेन को शुरू किया गया था। इस ट्रेन का सदुपयोग बड़ी संख्या में जनता, सैनिक एवं अद्र्वसैनिक बल करते हैं। क्यांेकि उनके संसदीय क्षेत्र गढ़वाल मण्डल में गढ़वाल एक्सप्रेस ही एकमात्र ऐसी ट्रेन है जिसमें बहुत बड़ी मात्रा में लोग दिल्ली आते-जाते है  तथा  अधिकतर सैनिक व अद्धसैनिक बल के लोग होते हैं। अतः कोहरे की वजह से इस ट्रेन को दो-तीन महीने के लिये बंद किया जाना न्यायोचित नहीं है तथा इससे लोगों को बहुत अधिक कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। इस विषय पर गढ़वाल सांसद द्वारा श्री प्रदीप कुमार, जी0एम0 नार्दन रेलवे एवं श्री एस0के पाठक, ए0जी0एम0, नार्दन रेलवे से भी बात की गई।

बारिश से तापमान गिरा, ठिठुरन बढ़ी, ऊंचाई वाले स्थानों पर हिमपात 

देहरादून,2 जनवरी (निस)। एक जनवरी की रात को फिर मौसम ने करवट ली है। शुक्रवार की सुबह से ही रूक-रूक कर हो रही बारिश ने लोगों को और भी कड़ाके की ठंड का अहसास करा दिया है।  मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक सूबे के ऊंचाई वाले इलाकों में कहीं हल्की तो कहीं भारी बर्फबारी हो सकती है, वहीं मैदानी और निचले इलाकों में रिमझिम-रिमझिम का क्रम जारी रहेगा। बीती रात से आसमान पर उमड-घुमड रहे बादलों ने सुबह होते ही पूरे मौसम का मिजाज बदल दिया। देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार सहित अब मैदानी इलाकों में आज सुबह से ही बूंदाबादी जारी है। वहीं केदारघाटी, रूद्रप्रयाग, चमोली, अल्मोडा सहित कुमाऊ मंडल के पिथौरागढ़ में भी बर्फबारी होने की खबरें हैं। टिहरी व नैनीताल तथा उधमसिंह नगर में लगातार वर्षा हो रही है। राज्य के सभी क्षेत्रों में तापमान में गिरावट आई है। मौसम के बदले रूख से शीत का प्रकोप बढ़ गया है तथा केदारघाटी में तापमान माइनस 5 डिग्री तक लुढक चुका है। वहीं पिथौरागढ़ में तीन डिग्री पर पहुंच गया है। यहां चंडाक और ध्वज क्षेत्र में बपर्फबारी हो रही है। मौसम विभाग द्वारा अगले 24 घंटे में राज्य में बर्फबारी व वर्षा के जारी रहने के आसार बताए है।  मौसम विभाग ने पहले ही बारिश की आशंका जताई थी। शुक्रवार सुबह धूप नहीं निकली और आसमान में काले बादल छाने के साथ ही बारिश का मौसम बन गया। सुबह करीब ग्यारह बजे हल्की बारिश की बूंदे गिरने शुरू हुई। दोपहर को कुछ देर तक राजधानी सहित कई इलाकों में तेज बारिश हुई। बारिश से पर्वतीय इलाकों में भी ठंड बढ़ गई। बारिश से तापमान में गिरावट आई और मौसम और ठिठुरन भरा हो गया। मौसम विभाग ने कई जगहों पर बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की आशंका जताई है। गुरुवार को मौसम पूरी तरह खुलने से पारे में करीब दो डिग्री का उछाल आया। लेकिन दिन को चटख धूप के बाद शाम को आसमान पर अचानक बादलों ने डेरा जमा लिया और सुबह होते ही पूरी तरह से बारिश वाला मौसम बन गया। उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ में बर्फबारी मौसम में बदलाव होने से बर्फवारी के आसार बन रहे हैं।  

कडाके की ठंड के बाद भी नहीं बटे कम्बल  
नगर निगम में ठंड बढने के बाद भी नगर निगम में अब ग्यारह की जगह तैरह जगहों पर अलाव जलाना तो शुरू कर दिया है, पर डीएम के घोषणा के बाद भी कम्बल नहीं बंट पाये है। रेलवे स्टेशन और दून अस्पताल के समीप जहां पर अलाव नहीं जला करते थे वहां पर अब निगम अलाव जला रहा है। इस आशय की जानकारी देते हुए मुख्य नगर अधिकारी हरक सिंह रावत ने बताया कि बढ़ती ठंड के चलते यह अभियान चलाया जा रहा है। दून में रेलवे स्टेशन के लिये भी अलाव को परमिशन दे दी है। नगर निगम अधिकारी बहादुर सिंह रावत ने बताया कि बल्लुपुर चैक, किशननगर चैक, शनि मंदिर, बिन्दाल पुल, घंटाघर, दिलाराम बाजार, धर्मपुर पुलिस पीकेट, चन्नगर कुष्ट आश्रम, सहस्त्रधारा क्रांसिग, माजरा, निरजंनपुर सब्जी मंडी, आईएसबीटी, तहसील चैख पर भी अब अलाव जलने शुरू हो गए है। उन्होंने बताया कि इस बार ठंड जल्दी शुरू हो गई थी जिसके बाद भी अलाव शुरू नहीं कर पा रहे थे। जिसका कारण नियोजित कार्यक्रम के अनुसार अलाव 15 दिसम्बर से ही शुरू किए जाते है। जिसके लिये जिलाधिकारी द्वारा पत्र भेजा जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि एक जगह पर अलाव जलाने खे लिये कम से कम एक सो दो कुंतल लकडि़यां लगती है। जिसका खर्च लाखों में आता है। उनके अनुसार इस बार पहले के मुकाबले अब तक कोई व्यवस्था नहीं हो पाई है।

सीएम के आदेशों का नहीं हो रहा पालन

harish rawat
देहरादून,2 जनवरी(निस)। रावत सरकार में सिस्टम की कार्यशैली को जनता के अनुरूप करने का दावा फिसड्डी साबित हो रहा है। प्रदेश की राजधानी देहरादून में जन शिकायतों की लगातार पोल खुल रही है। प्रदेश के तेरह जनपदों में से देहरादून जनपद में शिकायतों के निस्तारण में सबसे ज्यादा ढिलाई देखी जा रही है। समाधान योजना के जरिए समस्याओं और शिकायतों के निस्तारण करने में दून जिला प्रशासन पिछड़ा हुआ है। सबसे ज्यादा लंबित शिकायतें देहरादून जनपद में ही हैं। जबकि एक जनवरी को मुख्यमंत्री द्वारा कलेक्ट्रेट के औचक निरीक्षण के दौरान भी जिला प्रशासन की लापरवाही सामने आ चुकी है। इसके बावजूद भी रावत सरकार का जन अदालतों के जरिए जनता की समस्याओं को दूर करने का वादा कई सवाल खड़ा कर रहा है। ढाई साल से अधिक का समय बीत जाने के बावजूद भी प्रदेश में जनता दरबार कम ही संख्या में लगाया गया है। नए साल के पहले दिन सीएम हरीश रावत कलेक्ट्रेट में औचक निरीक्षण करने गए तो प्रशासन की लापरवाही से रूबूरू हुए। जिसके बाद प्रदेश में करीब 26 जनअदालतों को आयोजन करने का निर्णय लिया गया। सीएम हरीश रावत ने भले ही जनता की समस्याओं को त्वरित गति से समाधान के लिए अपनी मंशा जाहिर कर दी हो। लेकिन सुस्त नौकरशाही और सिस्टम की गति को तेज करने में रावत सरकार भी विफल साबित हुई है। कुछ समय पहले मुख्यमंत्री ने समाधान योजना के जरिए शिकायतों व समस्याओं के त्वरित निस्तारण के आदेश दिए थे। साथ ही लंबित शिकायतों पर सबंधित अधिकारियों को फटकार भी लगाई थी। लेकिन उसके बावजूद भी समाधान योजना में अन्य जनपदों में भले ही लंबित शिकायतों की संख्या कम हो। लेकिन देहरादून जनपद में लंबित शिकायतों की संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। देहरादून जनपद के बाद उत्तरकाशी जनपद शिकायतों को लंबित का रखने का दूसरा  नम्बर है। सवाल उठ रहा है कि समाधान योजना में लंबित शिकायतों पर सीएम की सख्ती के बाद भी हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहा है तो जन अदालतों के जरिए क्या जन समस्याओं पर शीघ्रता से कार्य हो पाएगा। क्योंकि मुख्यमंत्री भले ही समस्याओं के निस्तारण का आदेश दे लेकिन अन्तिम तौर पर अधिकारियों और विभाग को ही समस्याओं का निस्तारण करना है। 

सड़क हादसे में कार चालक की मौत, अन्य घायल

देहरादून, 2 जनवरी(निस)। दून से अलीगढ़ जा रहे कार सवार छह लोगों में से कार चालक की कार के खड्ड में गिरने से मौत हो गई। हादसा मौंड के पास हुआ। जबकी दो लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहें हैं। रहें हैं। जिन्हें उपचार के लिए इंद्रेश अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सभी लोग एक ही परिवार के बताये जा रहें है। 
मिली जानकारी के अनुसार दिलशाद निवासी सेलाकुई अपनी जैन कार में परिवार सहित जा रहें थे। उनके साथ उनकी पत्नी व बेटिया भी थी। जैसे ही कार डाटकाली से आगे मौंड के पास पहुंची। दिलशाद ने कार से नयंत्रण खो दिया। जिससे कार खड्ड में जा गिरी। जिससें नौसाद की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। साथ ही बेटी व पत्नी गंभीर रूप से घायल बताए जा रहें हैं। वहीं मौंड पुलिस भी मौके पर पहुंचकर हालतों का जायजा लिया। पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि सेलाकुई निवासी नौसाद अपने परिवार सहित आज सुबह अलीगढ़ अपनी बेटी को छोडने जा रहें थे। उनकी बेटी अलीगढ़ से पढ़ाई कर रही है। घटना के बाद मौंड पुलिस भ्ीा घटना स्थल पर पहुंची। साथ ही बताया की नौसाद की चार बेटिया है। जिनमें से पत्नी व एक बेटी की हालत गंभीर बनी हुई है।

कांग्रेस 4 जनवरी को मनायेंगे वादा निभाओं दिवस

देहरादून, 2 जनवरी(निस)। कांग्रेस ने चार जनवरी को काला धन लाओ और वादा निभाओ दिवस मनाने का निर्णय लिया है। इस अवसर पर कांग्रेसजन प्रदेशभर के जनपद मुख्यालयों पर ्य्यकाला धन लाओ, वादा निभाओंश् के नारे के साथ ‘‘तमसो मां ज्योर्तिगमय‘‘ की भावना के साथ दीपक लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं बाबा रामदेव को जनता से किया उनका वादा याद दिलाने के लिए जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। यह जानकारी कांग्रेस मिडिया प्रभारी सरेन्द्र सिंह आर्य ने प्रेस को जारी एक विज्ञप्ति में दी। उन्होंने बताया कि कांग्रेस मुख्यालय से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय के नेतृत्व में दिया लेकर एक मार्च निकालेंगे। प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा कि हम उत्तराखंड प्रदेश के समस्त कांग्रेसजन प्रधानमंत्री एवं बाबा रामदेव को स्मरण कराना चाहते हैं कि विगत लोकसभा चुनावों तथा उससे पूर्व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा बाबा रामदेव ने भारतवासियों द्वारा विदेशों में जमा किये गये काले धन के बारे में देश वासियों से यह वादा किया था कि उनकी पार्टी यदि केन्द्र में सत्ता में आती है तो 100 दिन के भीतर सारा कालाधन देश में वापस लाया जायेगा तथा उस धन को विशेषकर युवाओं व महिलाओं के विकास पर लगाया जायेगा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि देशवासियों से यह भी वायदा किया गया था कि प्रत्येक परिवार के हिस्से में 15 लाख रूपये के साथ ही प्रत्येक परिवार को हर माह 25 हजार रूपये  प्राप्त होंगे तथा देशवासियों को काला धन आने के उपरान्त किसी भी प्रकार का टैक्स भी नहीं देना पड़ेगा। देश की जनता टकटकी लगाकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं बाबा रामदेव को देख रही है कि उनके द्वारा किया गया यह वादा कब पूरा होगा। उन्होंने कहा कि दोनों महानुभावों ने चुनावों से पूर्व जनता को भ्रमित कर राजनीतिक स्वार्थों की पूर्ति कर राजनैतिक रोटियां सेकने का काम किया है जो न केवल राजनैतिक अपराध है बल्कि देशवासियों का शोषण भी है। 

बर्फबारी के बाद से सीमांत जनपद चमोली के रोशनी को तरस रहे 88 गांव 

देहरादून, 2 जनवरी(निस)। चमोली जिले में 14 व 16 दिसंबर को हुई बर्फबारी के बाद जिले में सीमा से सटे 88 गांव अभी भी रोशनी के लिए तरस रहे हैं। बर्फबारी से जिलेभर में बर्फबारी के बाद 500 से अधिक गांव में विद्युत तारें व पोल क्षतिग्रस्त होने के बाद विद्युत आपूर्ति बंद हो गई थी इनमें अधिकांश तार जोड़ दी गई पर 88 गांव की जनता बिजली से वंचित है। ऐसा नहीं कि निगम के पास सामग्री की कमी हो। निगम के भंडार में पर्याप्त मात्रा में ट्रांसफार्मर, पोल व तारें हैं, लेकिन अभी तक इन गांवों में निगम विद्युत आपूर्ति सुचारु करने में नाकामयाब रहा है। निगम का तर्क है कि समय समय पर मौसम खराब होने के कारण क्षतिग्रस्त लाइनों को जोडने में दिक्कतें हो रही है। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपने चमोली भ्रमण के दौरान अधिकारियों की समीक्षा बैठक में ऊर्जा निगम को 31 दिसंबर तक हर हाल में सभी क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति सुचारु करने की समय सीमा तय की थी। मुख्यमंत्री की समय सीमा से दो दिन अधिक बीत चुके हैं।

कई गांव को चिह्नित ही नहीं
दशोली विकासखंड के पाणा ईराणी तथा जोशीमठ विकासखंड के डुमक कलगोठ क्षेत्र में भी 16 दिसंबर को हुई बर्फबारी के बाद विद्युत लाइनें, पोल क्षतिग्रस्त होने से अंधेरा पसरा हुआ है। मगर ऊर्जा निगम को अभी इन गांवों की बिजली की स्थिति के बारे में पता ही नहीं है। यही वजह है कि जिन गांवों में विद्युत आपूर्ति अभी तक सुचारु नहीं हुई उस सूची में विभाग ने इन गांवों का नाम ही दर्ज नहीं किया है। पाणा के पूर्व प्रधान रघुवीर सिंह बिष्ट का कहना है कि बर्फबारी के बाद विद्युत लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। कई बार शिकायत करने पर भी ऊर्जा निगम ने अभी तक इस क्षेत्र की सुध नहीं ली है।

कई आईएएस के दायित्व बदले 

देहरादून, 2 जनवरी(निस)। शासन द्वारा जनहित में सचिव पर्यटन, संस्कृति, धर्मस्व, ऊर्जा वैकल्पिक ऊर्जा, तीर्थाटन प्रबन्धन एवं धार्मिक मेला तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी पर्यटन विकास परिषद डा. उमाकान्त पंवार को सचिव संस्कृति विभाग के पदभार से अवमुक्त किया गया है, उनके पास शेष पदभार यथावत रहेंगे। यह जानकारी देते हुए संयुक्त सचिव कार्मिक अतर सिंह ने बताया है कि सचिव मुख्यमंत्री, लोक निर्माण विभाग, वित्त, खेल, युवा कल्याण तथा कार्यक्रम निदेशक पीएमयू अमित सिंह नेगी को सचिव खेल एवं युवा कल्याण विभाग के पदभार से अवमुक्त किया गया है। उनके पास शेष पदभार यथावत रहेंगे। स्टाफ आफिसर मुख्य सचिव, प्रभारी सचिव नियोजन, विद्यालयी शिक्षा तथा केन्द्र पोषित योजनायें डा. एमसी जोशी को प्रभारी सचिव प्राथमिक शिक्षा एवं केन्द्र पोषित योजनायें के पदभार से अवमुक्त किया गया है, उनके पास शेष पदभार यथावत रहेंगे। इसी के साथ अपर सचिव वन एवं पर्यावरण तथा पर्यावरण एवं ठोस अपशिष्ट निवारण विभाग मनोज चन्द्रन को वर्तमान पदभार से अवमुक्त किया गया है।

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