उत्तराखंड की विस्तृत खबर 08 जनवरी) - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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गुरुवार, 8 जनवरी 2015

उत्तराखंड की विस्तृत खबर 08 जनवरी)

छठवें राज्यपाल के रूप में डा. कृष्ण कांत पाॅल ने ली राज्यपाल पद की शपथ 
  • संवेदनशील राज्य होने के कारण निरन्तर सजग और सतर्क रहने की आवश्यकता: राज्यपाल 

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देहरादून, 8 जनवरी   राजभवन उत्तराखण्ड  में गुरुवार दोपहर  उत्तराखण्ड के छठवें राज्यपाल के रूप में डा0 कृष्ण कांत पाॅल ने राज्यपाल पद की शपथ ग्रहण की। उन्हें उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश, न्यायमूर्ति वी. के. बिष्ट ने राज्यपाल पद की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के पश्चात राज्यपाल ने समारोह को सम्बोधित किया। अपने सम्बोधन में उन्होंने कहा कि आज उत्तराखण्ड की इस पावन भूमि पर औपचारिक रूप से प्रवेश करते हुए मुझे अत्यंत गर्व का आभास हो रहा है। मैं विश्वास दिलाना चाहता हूँ कि मैं इस पद की सर्वोच्च परम्परा को बनाए रखूँगा, जो हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए पवित्र हैं। जो शपथ मैंने अभी ली है वह संविधान की गरिमा व यहाँ के लोगों के हितों की रक्षा करने के लिए मुझे सदैव समर्पित रखेगी। इस जिम्मेदारी का मैं अपनी सभी क्षमताओं के साथ निर्वहन के लिए वचनबद्ध हूँ। उन्होंने कहा मुझे इससे पूर्व पूर्वोत्तर भारत में राज्यपाल के रूप में मेघालय, नागालैंड, मणिपुर और मिजोरम में सेवा करने का गौरव प्राप्त हुआ है। उत्तराखण्ड एक सुन्दर राज्य है और इसके प्रतिभाशाली लोग और इसकी समृद्ध परम्परा, भारत की विविधता और भव्यता में एक अलग ही रंग जोड़ती है। उन्होने कहा कि उत्तराखण्ड का नैनीताल, एवं देहरादून राजभवन, जो पहले सर्किट हाउस के रूप में जाना जाता है, इनका एक समृद्ध इतिहास रहा है तथा यह कई प्रतिष्ठित लोगों का निवास रहा है, और उनमें से एक होना, मेरे लिए एक दुर्लभ सम्मान है। उन्होने कहा उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए मुझ पर एक गंभीर जिम्मेदारी आती है। यह जिम्मेदारी जितनी प्रेरक है, उतनी ही चुनौतीपूर्ण भी। इसलिए आपकी आकांक्षाओं पर खरा उतर कर मैं इस जिम्मेदारी को पूरा करने का भरपूर प्रयास करूँगा। उन्होंने कहा उत्तराखण्ड में विकास की अपार सम्भावनाएं एवं क्षमताएं हैं। इसके वन, जल संसाधन, खनिज संपदा तथा प्राणपोषक जलवायु यहाँ के लोगों की क्षमता से मिलकर राज्य की अर्थव्यवस्था, विज्ञान, तकनीकी को ज्ञानवान समाज के निर्माण की दिशा में प्रेरित कर सकते हैं। उन्होंने कहा मुझे विश्वास है कि राज्य सरकार इस दिशा में पहले से ही कार्य कर रही है। शांति का वातावरण विकास और समृद्धि के लिए आवश्यक है। हमें एक अनुकूल सामाजिक परिवेश की आवश्यकता है। समाज के सभी वर्गों के समावेशी विकास के लिए हमें शासन द्वारा पारदर्शिता और जवाबदेही के उच्चतम मानकों को सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। हमारी जनता के हित खासकर गरीब लोगों के हित सर्वोच्च होने चाहिए। उन्होंने कहा प्राकृतिक आपदाओं और प्रदूषण की दृष्टि से एक संवेदनशील तथा चुनौतीपूर्ण राज्य होने के कारण यहाँ पर निरन्तर सजग और सतर्क रहने की भी आवश्यकता है। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास तथा पुनर्निर्माण के कार्यों में पर्यावरण और स्थानीय आवश्यकता के बीच संतुलन अपेक्षित है।  उन्होंने कहा  हम सबको  मिलकर देवताओं की इस पावन भूमि के लिए कार्य कर इसे विकास की नई ऊँचाईयों तक ले जाकर सिद्ध करें कि यह भूमि पावन और सुन्दर होने के साथ-साथ अत्यन्त प्रगतिशील भी है।’’ शपथ ग्रहण एवं समारोह को सम्बोधित करने के बाद राज्यपाल ने भारतीय सेना के सिक्ख रेजिमेंट द्वारा दिये गये सम्मान गार्ड का निरीक्षण किया। शपथ ग्रहण से पूर्व मुख्य सचिव श्री एन.रविशंकर ने भारत के राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी द्वारा जारी नियुक्ति अधिपत्र पढ़कर सुनाया। 
 शपथ ग्रहण समारोह में उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री हरीश रावत तथा उनके मंत्रिमंडल के कई सदस्य, विधानसभा अध्यक्ष श्री गोविन्द सिंह कुंजवाल, सभी सांसद, विधान सभा के सदस्यों सहित राज्यपाल के निकटतम परिजन, उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय से माननीय न्यायमूर्तिगण, उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्य, लोक सेवा अभिकरण, लोकायुक्त, राज्य सूचना आयोग, विभिन्न संगठनों, संस्थाओं, संस्थानों के वरिष्ठ प्रतिनिधि तथा शासन-प्रशासन के अनेक वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा गणमान्य लोग उपस्थित थे। इस कार्यक्रम के बाद सभी ने राज्यपाल को शुभकामनायें दी।

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